रायपुर , जून 25 -- छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की ओर से राज्य सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों के बीच वन मंत्री केदार कश्यप ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर पलटवार करते हुए कहा है कि कांग्रेस के पास जनता से जुड़े कोई ठोस मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वह निराधार आरोप लगाकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।

श्री कश्यप ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस को लोकतंत्र पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश में आपातकाल लगाकर लोकतांत्रिक मूल्यों का दमन किया था और उस दौरान पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा लोकतंत्र समर्थकों को जेलों में डालकर प्रताड़ित किया गया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को लोकतंत्र के संघर्ष और उसके महत्व से अवगत कराया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल परिवर्तन को प्रोत्साहित कर रही है। दलहन और तिलहन जैसी फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है तथा इन फसलों की खरीद की भी प्रभावी व्यवस्था की जा रही है।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कश्यप ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान स्वास्थ्य व्यवस्था घोटालों और अव्यवस्थाओं से घिरी रही, जबकि वर्तमान में केंद्र सरकार के नेतृत्व में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

श्री कश्यप ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने का रहा है, जबकि वर्तमान राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता, किसानों के कल्याण और जनहित को प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है।

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