नयी दिल्ली , मई 26 -- केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों की व्यापक समीक्षा बैठक की।
श्री भूपेंद्र यादव ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सार्वजनिक परिवहन को प्रदूषण नियंत्रण का अहम माध्यम बताते हुए दिल्ली सरकार से अधिक इलेक्ट्रिक बसों की खरीद और पूरे शहर में ईवी चार्जिंग ढांचे का तेजी से विस्तार करने को कहा। उन्होंने मेट्रो नेटवर्क को मजबूत करने तथा अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी सुधारने पर भी बल दिया ताकि लोग निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें। इसके अलावा, सितंबर 2026 तक दिल्ली में 15 सिग्नल-फ्री कॉरिडोर विकसित करने, सभी सीमा प्रवेश बिंदुओं पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरे लगाने और पुराने वाहनों के एनओसी जारी करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने ऑनलाइन उत्सर्जन निगरानी प्रणाली को प्रभावी बनाने, नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और डीजल जनरेटर सेटों पर प्रवर्तन अभियान तेज करने को कहा। निर्माण एवं तोड़फोड़ अपशिष्ट की प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने, सभी परिवहन वाहनों की जियोटैगिंग और निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। खुले में कचरा जलाने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री ने सख्त कार्रवाई और जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण नियंत्रण सामूहिक जिम्मेदारी है और केंद्र सरकार दिल्ली सरकार व अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर दिल्लीवासियों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में राजधानी की वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए चल रही योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। केंद्रीय मंत्री ने शीतकाल शुरू होने से पहले प्रदूषण के स्तर में उल्लेखनीय कमी सुनिश्चित करने के लिए योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, कड़े प्रवर्तन और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
श्री यादव ने कहा कि आने वाले महीने दिल्ली की वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और जन स्वास्थ्य की रक्षा के लिए सभी नियोजित उपायों का समय पर क्रियान्वयन आवश्यक है। उन्होंने सड़क पुनर्निर्माण कार्यों में देरी दूर करने, अक्टूबर 2026 तक लंबित परियोजनाएं पूरी करने और सड़कों के किनारे व्यापक हरियाली अभियान चलाने का आग्रह किया।
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