भुवनेश्वर , जुलाई 08 -- ओडिशा सरकार ने राज्य के राजस्व प्रशासन और आपदा प्रबंधन अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भुवनेश्वर में प्रस्तावित 'राजस्व भवन' का निर्माण जल्द ही शुरू करने और 'आपदा प्रबंधन भवन' की आधारशिला अगस्त में रखने का भी निर्णय लिया गया है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को नया रूप देने के उद्देश्य से बनायी गयी इन परियोजनाओं की समीक्षा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में की गयी। बैठक में गोठापटना स्थित राजस्व अधिकारी प्रशिक्षण संस्थान (आरओटीआई) में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के सभागार परिसर और भुवनेश्वर में एक नये 'विशेष सर्किट हाउस' के प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
उन्होंने ओडिशा ब्रिज एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (ओबीसीसी) और निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तुत वास्तुशिल्प डिजाइनों की समीक्षा करते हुए कहा कि विभाग के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और राज्य भर में सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति में सुधार होगा।
अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित 10 मंजिला राजस्व भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिसमें बोर्ड ऑफ रेवेन्यू कैंप कोर्ट, राजस्व अधिकारियों के लिए अदालत कक्ष, विभागीय बैठकों और सम्मेलनों के लिए एक सभागार और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं शामिल होंगी।
श्री प्रस्तावित आपदा प्रबंधन भवन के विस्तृत डिजाइन की भी समीक्षा की और अधिकारियों को इस परियोजना को 18 महीने के भीतर पूरा करने के निर्देश दिये। इस इमारत में बेहतर समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी), ओडिशा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ओएसडीएमए), राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी), ओडिशा आपदा त्वरित कार्य बल (ओडीआरएएफ) और आपदा प्रबंधन से जुड़े अन्य विभागों के कार्यालय एक ही छत के नीचे होंगे।
इसे पर्यावरण के अनुकूल और आपदा-रोधी संरचना के रूप में डिजाइन किया गया है। इस इमारत में भूकंप-रोधी विशेषताएं होंगी और आधुनिक प्रारंभिक चेतावनी व आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों से लैस एक उन्नत नियंत्रण कक्ष होगा। आपदाओं के दौरान सूचनाओं के प्रसार की सुविधा के लिए इसमें एक समर्पित मीडिया केंद्र भी शामिल होगा।
इस भवन में आपदा प्रबंधन से जुड़े अन्य विभागों और एजेंसियों के लिए भी जगह तय की गयी है, जिनमें ऊर्जा और निर्माण विभाग, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के साथ-साथ अन्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल हैं।
बैठक में गोठापटना स्थित आरओटीआई में बुनियादी ढांचे के उन्नयन की योजनाओं की भी समीक्षा की गई, जहाँ एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का सभागार, एक नया प्रशासनिक भवन, एक डिजिटल पुस्तकालय, एक जीआईएस प्रयोगशाला और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
भुवनेश्वर में एक नये विशेष सर्किट हाउस के प्रस्ताव की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को तुरंत उपयुक्त भूमि की पहचान करने और बिना किसी देरी के परियोजना शुरू करने का निर्देश दिया।
इस बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरविंद पाढ़ी, विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
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