भुवनेश्वर , सितंबर 07 -- ओडिशा में भुवनेश्वर-दसपल्ला मेमू ट्रेन रविवार को एक चलती-फिरती साहित्यिक महफ़िल में बदल गयी, जहाँ पाठक, लेखक और साहित्य प्रेमी किताबों, कविताओं और रचनात्मक विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक साथ आये।

ईस्ट कोस्ट रेलवे ने भुवनेश्वर स्थित 'वॉकिंग बुक फेयर्स' के साथ मिलकर 'रेल रीडिंग कैंपेन-गिफ्ट ए बुक' प्रोग्राम आयोजित किया, जिसमें लगभग 100 लोगों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम ने ट्रेन के आम सफ़र को पढ़ने का आनंद लेने, मशहूर साहित्यकारों से जुड़ने और साथी यात्रियों के साथ विचार साझा करने के एक मौके में बदल दिया। जाने-माने लेखक और साहित्यकार जेरी पिंटो, शरत चंद्र दास, क्रिस्टोफ़ रैंसमेयर, आकृति मंधवानी और चंद्रहास चौधरी इस सफ़र में शामिल हुए और उन्होंने प्रतिभागियों के साथ अपनी कविताएँ, विचार और साहित्यिक अनुभव साझा किये। उनकी मौजूदगी ने ट्रेन को बातचीत का एक अनोखा मंच बना दिया, जिससे पाठकों और लेखकों को साहित्य, रचनात्मकता, जीवन और कहानी कहने की कला पर अपने विचार साझा करने का मौका मिला।

भुवनेश्वर से ट्रेन के रवाना होने के तुरंत बाद, यात्रियों के बीच लगभग 200 किताबें बांटी गयी, जिससे उन्हें पढ़ने का आनंद फिर से महसूस करने का मौका मिला। ट्रेन के डिब्बे में सुबह की ट्रेन वाली आम चहल-पहल की जगह एक शांत और विचारशील माहौल ने ले ली। सभी लोग मिलकर चुपचाप पढ़ने के लिए अपनी-अपनी सीटों पर बैठ गये और किताबें, कविता, संगीत और बातचीत ही मुख्य आकर्षण बन गये। यात्रियों ने कुछ समय के लिए अपने मोबाइल फोन एक तरफ रख दिये और पढ़ने तथा साहित्य पर चर्चा में डूब गये। जाने-माने लेखकों की मौजूदगी ने इस अनुभव को और भी खास बना दिया; लोगों ने उनकी कविताएँ सुनीं और साहित्य तथा रचनात्मकता पर अपने विचार साझा किये।

ट्रेन के दसपल्ला पहुँचने के बाद भी यह साहित्यिक सफर जारी रहा। रेलवे स्टेशन पर, 'पोएट्री ऑन द प्लेटफॉर्म' कार्यक्रम के लिए प्लेटफॉर्म को एक साहित्यिक जगह में बदल दिया गया, जहाँ लोगों ने एक अनोखे माहौल में कविताएँ और साहित्यिक रचनाएँ साझा कीं।

भुवनेश्वर वापसी का सफर बातचीत और मौज-मस्ती से भरा रहा, साथ ही ट्रेन में परोसे गये स्थानीय स्वाद वाले 'मुरी मसाला' का भी आनंद लिया गया।

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