नयी दिल्ली , अप्रैल 28 -- सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने भीषण गर्मी को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण, रखरखाव और टोल संचालन से जुड़े कर्मियों तथा यात्रियों की सुरक्षा के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी कर उनका तत्काल पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

मंत्रालय के अनुसार निर्माण और रखरखाव कार्यों में श्रमिकों के लिए दोपहर 12 से 4 बजे के बीच काम सीमित कर शिफ्ट में बदलाव किया जाएगा और डामर बिछाने तथा वेल्डिंग जैसे कार्य सुबह-शाम कराए जाएंगे। नियमित कूलिंग ब्रेक, नए श्रमिकों के लिए 3-5 दिन का एक्लिमेटाइजेशन, हीट स्ट्रोक की पहचान तथा प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण अनिवार्य किया गया है।

मंत्रालय के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुसार कामगारों को कार्यस्थलों पर छायादार विश्राम स्थल, ठंडा पेयजल, ओआरएस तथा ग्लूकोज उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें सूती, सांस लेने योग्य सुरक्षा जैकेट पहनने की सलाह दी गई है।

एनएचएआई का कहना है कि आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस में आइस पैक, ठंडा पानी और जरूरी चिकित्सा सामग्री रखने तथा रूट पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे गर्मी से प्रभावित यात्रियों और खराब वाहनों को तुरंत सहायता मिल सके। टोल प्लाजा संचालन के तहत दोपहर 11 से 3 बजे के बीच कर्मचारियों की बाहरी ड्यूटी कम की जाएगी, शिफ्ट रोटेशन लागू होगा और रात में प्रशासनिक कार्य बढ़ाए जाएंगे। टोल प्लाजा पर एसी युक्त कूलिंग रूम, अस्थायी शेड और ठंडे पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य की गई है।

इन दिशा-निर्देशों के अनुपालन के लिए एनएचएआई अधिकारियों को परियोजना स्थलों और टोल प्लाजा का साप्ताहिक निरीक्षण करने को कहा गया है, ताकि भीषण गर्मी के बीच कार्य और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित रह सकें।

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