चंडीगढ़ , मई 23 -- पंजाब में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है वहीं डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है और कुछ लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेना बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो जाए, मानसिक स्थिति में बदलाव, बेचैनी या दौरे पड़ने लगें, त्वचा गर्म, लाल और सूखी महसूस हो, तेज सिरदर्द, मतली या दिल की धड़कन तेज हो जाए तो इसे गंभीर स्थिति माना जाना चाहिए।

विशेषज्ञों ने कहा कि बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। किसी भी गंभीर लक्षण को नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि ऐसे लक्षण हीट स्ट्रोक की ओर संकेत हो सकते हैं, जो समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने, अधिक से अधिक पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की अपील की है।

पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह ने शनिवार को कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अत्यधिक गर्मी के प्रभावों को रोकने, कम करने और प्रभावी प्रबंधन के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने हेतु सक्रिय कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा, "हमारे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी सिविल सर्जनों को सभी जिला अस्पतालों, सब-डिवीजन अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में समर्पित हीट स्ट्रोक प्रबंधन यूनिटों को कार्यशील करने के निर्देश दिए गए हैं।" उन्होंने कहा कि ये वार्ड सक्रिय कूलिंग उपायों से लैस हैं, जिनमें आइस पैक और ठंडे आई.वी. फ्लूइड शामिल हैं। प्रत्येक अस्पताल में आवश्यक चिकित्सीय सामग्री, जैसे ओ.आर.एस. और आपातकालीन दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है।

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