भीलवाड़ा , जुलाई 17 -- राजस्थान में भीलवाड़ा में अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय शाहपुरा के पीठाधीश्वर जगद्गुरु आचार्य स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज का वर्ष 2026 का 'विश्व शांति कल्याण' चातुर्मास रविवार जुलाई से आरंभ होगा।
करीब 10 वर्ष बाद शहर के माणिक्यनगर रामद्वारा में आयोजित हो रहे इस चातुर्मास को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। विश्व शांति कल्याण चातुर्मास समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के तहत रविवार सुबह साढ़े आठ बजे आचार्यश्री का भव्य मंगल प्रवेश होगा। शोभायात्रा प्रारंभ होने से पहले भावपूर्ण अगवानी की जाएगी और स्टेशन चौराहे पर शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंगलाचरण होगा। सर्व समाज के श्रद्धालुओं द्वारा महाआरती के बाद शोभायात्रा रवाना होगी।
शोभायात्रा में हाथी, घोड़े, ऊंट, छत्र-चंवर और शाही लवाजमा विशेष आकर्षण रहेगा। मार्ग में 108 स्वागत द्वार बनाए गए हैं। ड्रोन से शोभयात्रा पर पुष्पवर्षा की जाएगी। उज्जैन की प्रसिद्ध महाकाल आरती की प्रस्तुति देने वाला दल भी शोभायात्रा का प्रमुख आकर्षण होगा। पूरे मार्ग पर रंग-बिरंगी रंगोलियां सजाई जाएंगी।
शोभायात्रा गजाधर मानसिंहका धर्मशाला (रेलवे स्टेशन रोड) से आरंभ होकर सरकारी दरवाजा, गोल प्याऊ, बालाजी मार्केट, सूचना केंद्र चौराहा, गांधी बाजार, भीमगंज थाना चौराहा होते हुए माणिक्यनगर रामद्वारा पहुंचेगी। देशभर से रामस्नेही सम्प्रदाय के श्रद्धालुओं के इसमें शामिल होने की संभावना है।
चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन सुबह पांच से छह बजे रामधुनी, आठ से साढ़े आठ बजे तक वाणीजी का पाठ और साढ़े आठ से साढ़े नौ बजे तक आचार्यश्री के प्रवचन होंगे। प्रतिदिन सूर्यास्त के समय संध्या आरती का आयोजन भी किया जाएगा।
गौरतलब है कि 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा। वहीं 13 से 20 सितंबर तक पूज्य वाणीजी प्रवचन एवं भागवत ज्ञान महोत्सव आयोजित होगा। 25 सितंबर को आचार्यश्री अवतरण महोत्सव पर आध्यात्मिक संध्या और 26 सितंबर को अवतरण आनंदोत्सव मनाया जाएगा। 15 अक्टूबर को पंचमी गोटकाजी की भव्य शोभायात्रा निकलेगी और 22 अक्टूबर को चातुर्मास का समापन होगा।
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