भीलवाड़ा , अगस्त 21 -- राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र, महात्मा गांधी (एमजी) अस्पताल में गंभीर मरीजों को त्वरित और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए एक अत्याधुनिक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की 'सेतु' प्रणाली के तहत होने वाले इस नवाचार से अस्पताल की आपात सेवाएं पूरी तरह से उच्च तकनीकयुक्त हो जाएंगी। अब जिले के किसी भी हिस्से या अन्यत्र से भेजा गया कोई मरीज आपातकालीन कक्ष में आएगा, तो अस्पताल में तुरंत सायरन बजेगा।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अरुण गौड़ ने शुक्रवार को बताया कि इस नयी व्यवस्था के तहत अस्पताल के सभी चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ को क्लोज्ड यूजर ग्रुप (सीयूजी) फोन नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। सायरन बजते ही सीयूजी फोन के माध्यम से तत्काल सभी संबंधित डॉक्टर एवं स्टाफ सतर्क हो जाएंगे। इस पूरी सेवा को क्यूआर कोड प्रणाली से भी जोड़ा जाएगा, जिसका सीधा सम्पर्क मेडिकल कॉलेज से होगा।
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त, किसी बड़ी सड़क दुर्घटना या आपदा की स्थिति में एक विशेष चेतावनी प्रणाली पूरे स्टाफ को एक साथ सतर्क कर देगा, ताकि बड़े हादसों के समय बिना किसी देरी के त्वरित चिकित्सा मुहैया कराई जा सके।
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