भीलवाड़ा , मार्च 19 -- राजस्थान में भीलवाड़ा के आराध्य देव श्री चारभुजा नाथ बड़े मंदिर में श्री माहेश्वरी समाज श्री चारभुजा जी मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में गुरुवार को फूलडोल महोत्सव का भव्य आगाज हुआ।

नब्बे वर्षों से चली आ रही अनूठी परंपरा के तहत ठाकुर जी गुरुवार को सायंकाल से अगले 15 घंटों तक नगर भ्रमण पर रहकर भक्तों के घर-घर जाकर होली खेलेंगे।

ट्रस्ट मीडिया प्रभारी महावीर समदानी ने बताया कि चैत्र कृष्णा अमावस्या संवत 2082 के अवसर पर प्रातः काल मंदिर में भगवान चारभुजा नाथ का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दुग्धाभिषेक किया गया। ठाकुर जी के सम्मुख षठरस युक्त 56 तरह के व्यंजनों का छप्पन भोग सजाया गया। दोपहर में महाआरती के पश्चात भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान ट्रस्ट के पदाधिकारियों सहित शहर के गणमान्य नागरिक और विधायक अशोक कोठारी भी उपस्थित रहे।

चांदी के बेवाण में विराजेंगे राधा-कृष्ण मंदिर में 293 वर्ष पूर्व प्रतिमा स्थापना के बाद से ही जन-जन की आस्था जुड़ी है। शोभायात्रा के दौरान राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं को 40 किलोग्राम वजन के नवनिर्मित चांदी के बेवाण में विराजित किया गया। परंपरा के अनुसार, ठाकुर जी को बड़े मंदिर से दूधाधारी मंदिर तक भक्त अपने कंधों पर उठाकर ले जाते हैं, जिसके बाद उन्हें लकड़ी के विशेष रथ पर विराजमान करके नगर भ्रमण करवाया जाता है।

ठाकुर जी की यह सवारी धानमंडी, दूधाधारी गोपाल मंदिर, भदादा मोहल्ला, कृष्ण मोहल्ला, माणिक्य नगर और सर्राफा बाजार सहित पुराने भीलवाड़ा की विभिन्न गलियों से होकर गुजरेगी। बैंड-बाजों और ढोल-नगाड़ों के साथ निकलने वाली इस शोभायात्रा में भक्त भगवान के संग जमकर गुलाल खेलेंगे। यह शहर का एकमात्र ऐसा आयोजन है, जहां ठाकुर जी स्वयं भक्तों के घर द्वार पर पहुंचकर दर्शन देते हैं।

पूरी रात शहर की गलियों में भक्तों को निहाल करने के बाद, यह शोभायात्रा अगले दिन शुक्रवार को सुबह साढ़े बजे पुनः बड़े मंदिर प्रांगण पहुंचेगी, जहां महोत्सव का विधि-विधान से समापन होगा।

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