भीलवाड़ा , अगस्त 28 -- राजस्थान में भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में टिकटों की घोषणा के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर मचा असंतोष अब सड़कों से लेकर सियासी पाले बदलने तक पहुंच गया है।

एक तरफ टिकट वितरण में भेदभाव का आरोप लगाते हुए पूर्व सभापति के नेतृत्व में महिलाएं शुक्रवार को भाजपा कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गयी, तो दूसरी तरफ सिंधी समाज के बड़े चेहरे पूर्व पार्षद रमेश सिंधी ने भाजपा को अलविदा कहकर कांग्रेस का हाथ थाम लिया। रमेश के साथ पूर्व पार्षद नवीन सिंधी, उनके पुत्र दीपक ओर रवि और समर्थकों की बड़ी संख्या कांग्रेस के खेमे में जा पहुंची। चुनावी मैदान में नामांकन की सरगर्मी के बीच हुए इस दलबदल ने भाजपा के राजनीतिक खेमे में हलचल बढ़ा दी है।

रमेश सिंधी और उनके समर्थक शुक्रवार को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के सचिव एवं पूर्व मंत्री धीरज गुर्जर के आवास पर पहुंचे। यहां कांग्रेस जिला अध्यक्ष शिवराम खटीक (जीपी) की मौजूदगी में सिंधी समाज के लोगों ने कांग्रेस का दामन थामा। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी ने साफ संकेत दिया कि यह महज एक व्यक्ति के दल बदलने का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे समर्थकों का भी बड़ा समूह खड़ा नजर आया।

नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण को लेकर भाजपा में पहले से ही असंतोष की चिंगारी सुलग रही थी। यह चिंगारी आज उस समय और भड़क उठी, जब भाजपा कार्यालय के बाहर धरना शुरू हो गया। इसी बीच रमेश सिंधी के कांग्रेस में जाने की खबर ने भाजपा की मुश्किलें और बढ़ा दीं।

रमेश सिंधी और उनके पुत्र नवीन सिंधी भाजपा से पार्षद रह चुके हैं। ऐसे में चुनाव के ठीक पहले उनका कांग्रेस में जाना स्थानीय राजनीति में खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित