भीलवाड़ा , अक्टूबर 28 -- राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में पंचायत चुनाव खत्म हुए अभी चार दिन ही बीते थे कि जहाजपुर पंचायत समिति की रूणिया बरड़ा ग्राम पंचायत में बुधवार को जले और अधजले मतपत्र मिलने से हड़कंप मच गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार 24 अक्टूबर को हुए सरपंच और पंच चुनाव के बाद सामने आए इस घटनाक्रम ने चुनावी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर मतदान केंद्र के भीतर रहने वाले मतपत्र बाहर कैसे पहुंचे। उन्हें किसने जलाया और क्यों।

इन सवालों के जवाब अब जांच के बाद ही सामने आएंगे।

ग्राम पंचायत में अधजले मतपत्र मिलने की खबर फैलते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सरपंच चुनाव में पराजित प्रत्याशी कृष्णा मीणा के पति नरेंद्र मीणा ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।

मामले की सूचना मिलते ही जहाजपुर थानाधिकारी दयाराम चौधरी और तहसीलदार अमितेश मीणा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच शुरू की।

थानाधिकारी दयाराम चौधरी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मिले मतपत्र चुनाव में इस्तेमाल किए गए मतपत्र नहीं लग रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि अगर ये अप्रयुक्त मतपत्र थे, तो मतदान केंद्र से बाहर कैसे पहुंचे और इन्हें आग के हवाले किसने किया।

तहसीलदार अमितेश मीणा ने बताया कि सरपंच पद के लिए चार प्रत्याशी मैदान में थे, जबकि मतपत्र पर 10 चुनाव चिह्न मुद्रित थे। उनके अनुसार, मौके पर मिले मतपत्र के अधजले हिस्से प्रथम दृष्टया छह अतिरिक्त चुनाव चिन्हों वाले अप्रयुक्त मतपत्रों के हैं।

इससे हालांकि पूरा मामला खत्म नहीं होता। मतपत्र अप्रयुक्त थे तो वे सुरक्षित व्यवस्था से बाहर कैसे निकले। उन्हें जलाने की जरूरत क्यों पड़ी और इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी किसकी है। इन सवालों का जवाब जांच में सामने आना बाकी है। रूणिया बरड़ा ग्राम पंचायत पहले सरसिया ग्राम पंचायत से अलग होकर अस्तित्व में आई थी। ऐसे में यहां जले मतपत्र मिलने का मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। अब जांच से ही स्पष्ट होगा कि मतपत्र कहां से आए, उन्हें किसने जलाया और क्या इस मामले में किसी की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है।

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