भीलवाड़ा , अक्टूबर 21 -- राजस्थान में शहर की प्राचीन विरासत ऐतिहासिक तालाबों को बचाने और उनके संरक्षण के लिए इंटेक भीलवाड़ा चैप्टर के संयोजक बाबूलाल जाजू एवं गौरव जाजू ने राजस्थान राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण के सदस्यसचिव बीजो जॉय से मुलाकात करके उनसे भीलवाड़ा के तीन प्राचीन तालाबों को आर्द्रभूमि घोषित करने की मांग की है। श्री जाजू ने बुधवार को यहां बताया कि उन्होंने गांधीसागर झील (तेजाजी का तालाब), मानसरोवर झील (किशनावतो की खेड़ी का तालाब) और नेहरू तालाब (धाधोंलाई) को आर्द्रभूमि के रूप में चिन्हित करके अधिसूचित करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि भीलवाड़ा के ये तीनों तालाब 200 वर्ष से भी अधिक पुराने हैं और शहर की ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन आवंटन एवं अतिक्रमण के कारण इनका क्षेत्रफल कम हुआ है। तीनों तालाबों में हमारे धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते आए हैं, इसलिए समय रहते इनके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि झीलें केवल जल संग्रहण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि भूजल स्तर बनाए रखने, पर्यावरण संतुलन और लाखों पक्षियों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। इनका संरक्षण होने से शहर की प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
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