भिवानी , अक्टूबर 05 -- हरियाणा सरकार की मॉडल ऑनलाइन स्थानांतरण नीति (एमओटीपी) के विरोध में जिले की नर्सिंग अधिकारियों ने सोमवार से तीन दिवसीय हड़ताल का आगाज कर दिया। नर्सिंग ऑफिसर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के बैनर तले जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, पीएचसी और सीएचसी में नर्सिंग कर्मियों ने दो घंटे तक काम बंद रखकर विरोध दर्ज कराया।

इस दौरान आपातकालीन सेवाओं को सुचारू रखा गया और कर्मियों ने मुस्तैदी से ड्यूटी निभाई। एसोसिएशन ने बताया कि यह सांकेतिक हड़ताल अगले तीन दिन तक जारी रहेगी।

एसोसिएशन के आह्वान पर हुई इस पेन डाउन हड़ताल में नर्सिंग अधिकारियों ने कहा कि एमओटीपी पूरी तरह से नर्सिंग कैडर के खिलाफ है। इस नीति के तहत एक स्टेशन पर पांच साल पूरा कर चुके कर्मचारी को जबरन स्थानांतरण नीति में शामिल होना पड़ेगा, जो अव्यवहारिक है। नर्सिंग अधिकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने पॉलिसी लागू करने से पहले उनसे कोई सुझाव नहीं लिया और न ही कोई चर्चा की।

डीजीएचएस को कई बार अभ्यावेदन देने के बावजूद उनकी समस्याओं को अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पॉलिसी नर्सिंग कर्मियों को घर से बेघर करने जैसी है, जो बिल्कुल मंजूर नहीं है। हड़ताली नर्सिंग अधिकारियों ने बताया कि वे स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव से मुलाकात के लिए डीजीएचएस को बार-बार पत्र लिख चुके हैं, लेकिन डीजीएचएस द्वारा बैठक नहीं करवाई जा रही है।

विरोध में शामिल एसएनओ सुषमा, एसएनओ सरला कुमारी, सुमन राणा, बिंदू, निशा, प्रशांत, रेखा, अंजू शर्मा, ज्योति, सुशीला आदि ने कहा कि नर्सिंग कैडर में 98 प्रतिशत महिलाएं हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है। नर्सिंग कर्मियों को सुबहष शाम और रात की शिफ्ट करनी पड़ती है। दूसरे जिले में स्थानांतरण होने पर उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।

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