भिवानी , अप्रैल 29 -- हरियाण के भिवानी में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर. चालिया तथा सीजेएम-कम-सचिव पवन कुमार ने बुधवार को जिला कारागार का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया।

इस दौरान उन्होंने जेल में बंद कैदियों व हवालातियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जेल की विभिन्न बैरकों का दौरा किया और वहां की व्यवस्था का जायजा लिया।

उन्होंने कैदियों से उनके मामलों की प्रगति, कानूनी सहायता की उपलब्धता और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। कई कैदियों ने अपने मामलों में आ रही दिक्कतों को साझा किया, जिस पर सेशन जज व सीजेएम ने उन्हें उचित कानूनी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।

उन्होंने जेल परिसर में स्थापित कानूनी सहायता क्लीनिक का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्लीनिक में उपलब्ध सुविधाओं और वहां कार्यरत पैरा लीगल वालंटियर्स के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जरूरतमंद कैदियों को समय पर कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि वे न्यायिक प्रक्रिया में पीछे न रहें।

निरीक्षण टीम ने जेल अस्पताल का भी दौरा किया। उन्होंने वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, दवाइयों की उपलब्धता और डॉक्टरों की उपस्थिति की जांच की। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि कैदियों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और बीमार कैदियों को समय पर उचित इलाज उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि कैदियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से ऐसे निरीक्षण किए जाते रहेंगे ताकि व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

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