अलवर , फरवरी 18 -- राजस्थान में खैरथल तिजारा जिले के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा-कारौली औद्योगिक क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राघवेंद्र सुहास ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए भिवाड़ी की जिला विशेष दल (डीएसटी) को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।
श्री सुहास ने दल प्रभारी मुकेश वर्मा सहित चार पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। डीएसटी में तैनात योगेश शर्मा के भाई हेमेंद्र शर्मा सहित दो लोगों को पुलिस ने मंगलवार की रात को गिरफ्तार किया था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अतुल साहू ने बताया कि टीम प्रभारी मुकेश वर्मा सहित चार पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। इनमें हेड कॉन्स्टेबल योगेश कुमार शर्मा, कॉन्स्टेबल दिनेश कुमार और कॉन्स्टेबल जगपाल शामिल हैं। मुकेश वर्मा से टपूकड़ा थानाधिकारी का प्रभार भी वापस ले लिया गया है।
यहां इस बात का खुलासा हुआ है कि थाना प्रभारी मुकेश वर्मा और फैक्ट्री को किराए पर लेने वाले हेमेंद्र शर्मा का भाई योगेश शर्मा फैक्ट्री के मूल मालिक की पत्नी के फ्लैट में रहते थे।
सूत्रों के अनुसार फैक्ट्री संचालक के परिजन और दल प्रभारी के बीच आवासीय निकटता की जानकारी सामने आने के बाद यह कठोर कदम उठाया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अतुल साहू ने पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।
यहां यह बात भी सामने आई है कि इसी फ्लैट में फैक्ट्री के कागजात भी रहते थे। इसलिए यहां पर सीज की कार्रवाई की गई है।
उल्लेखनीय है कि खुशखेड़ा में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के दौरान सात मजदूरों की मौत हो गई थी इसके बाद जांच के दौरान यह बात सामने आई कि इस फैक्ट्री का मालिक हेमेंद्र शर्मा क्षेत्र में कई जगह फैक्ट्रियां किराए पर लेकर पटाखे बनाने का अवैध रूप से कारोबार करता है। हेमेंद्र की दो फैक्ट्री और एक गोदाम पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सीज किया गया है । इन तीनों स्थानों से भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ बरामद किया गया था। इसके अलावा यह बात भी सामने आई की हेमेंद्र शर्मा का भाई राजस्थान पुलिस में भिवाड़ी में कार्यरत है। इसके बाद पुलिस पर कई तरह के आरोप लगे।
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