भिण्ड , अगस्त 02 -- मध्य प्रदेश के भिण्ड में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और कानून की पढ़ाई कर रहे युवक वाहन चोरी गिरोह के सदस्य निकले। आरोपी पहले किराए पर चार पहिया वाहन लेते, फिर फर्जी रजिस्ट्रेशन कार्ड और स्टाम्प एग्रीमेंट के जरिए उसे बेच देते। इसके बाद वाहन में पहले से लगे जीपीएस डिवाइस से लोकेशन ट्रैक कर दो से चार दिन बाद रात में दोबारा चोरी कर लेते थे। भिण्ड जिले की बरोही थाना पुलिस और साइबर सेल ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर चोरी की वैगनआर कार, फर्जी दस्तावेज और 30 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। गिरोह के दो सदस्य अभी फरार हैं। जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।

फरियादी पवन भदौरिया ने पुलिस को बताया कि वह पुरानी कार खरीदना चाहता था। चाचा के एक परिचित ने उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से कराई। आरोपी ने बताया कि उसकी बेटी गंभीर रूप से बीमार है और इलाज के लिए तत्काल पैसों की जरूरत है इसलिए वह अपनी वैगनआर कार चार लाख रुपए में बेच रहा है। भरोसा दिलाने के लिए उसने रजिस्ट्रेशन कार्ड और आधार कार्ड की फोटो कॉपी भी दिखाई। पवन ने 1.68 लाख रुपए नकद देकर एक हजार रुपए के ई-स्टाम्प पर नोटरी कराई जबकि शेष 2.32 लाख रुपए वाहन का कागज ट्रांसफर के समय देने की सहमति बनी।

पवन कई दिनों तक उसी कार का उपयोग करता रहा। 26 जुलाई की रात उसने कार घर के बाहर खड़ी की थी लेकिन अगली सुबह वाहन गायब मिला। आसपास तलाश करने के बाद भी कोई सुराग नहीं लगा तो उसने बरोही थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले किराए पर वाहन लेते थे। इसके बाद उसके रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों में फर्जी तरीके से नाम-पता बदलकर नकली आरसी तैयार कराते और स्टाम्प एग्रीमेंट के जरिए वाहन बेच देते थे। खरीदार को इस बात की जानकारी नहीं होती थी कि कार में पहले से जीपीएस डिवाइस लगा है। वाहन बेचने के बाद आरोपी उसकी लोकेशन पर नजर रखते और मौका मिलते ही रात में दोबारा चोरी कर लेते थे।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यदि कोई खरीदार वाहन चोरी होने के बाद शिकायत करता या रुपए वापस मांगता था तो आरोपी बिजौली थाना क्षेत्र के सुपावली निवासी शातिर बदमाश नगद धनौलिया और उसके साथियों के जरिए उसे धमकाते थे ताकि वह पुलिस तक न पहुंचे। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।

गिरफ्तार आरोपी मयंक राठौर निवासी गदाईपुरा प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। दूसरा आरोपी प्रशांत राठौर गदाईपुरा का रहने वाला और एलएलबी अंतिम वर्ष का छात्र है। तीसरा आरोपी धर्मेंद्र रावत भिण्ड जिले के गोहद क्षेत्र का निवासी है। तीनों ने मिलकर तकनीक और फर्जी दस्तावेजों के सहारे वाहन चोरी और दोबारा बिक्री का नेटवर्क तैयार किया था।

पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बरोही क्षेत्र के खुर्द गांव और भिण्ड शहर के बीटीआई क्षेत्र से एक-एक कार चोरी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने जिले और आसपास के इलाकों में इसी तरीके से कई लोगों को निशाना बनाया है। पुलिस के अनुसार गिरोह में कुल पांच सदस्य शामिल हैं। इनमें मयंक राठौर, प्रशांत राठौर और धर्मेंद्र रावत को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि नगद धनौलिया सहित दो आरोपी अभी फरार हैं। उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

भिण्ड जिले के बरोही थाना प्रभारी अतुल भदौरिया ने आज यहां बताया कि वाहन चोरी की शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल के साथ तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाए गए। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। पूछताछ में उन्होंने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। आरोपियों के कब्जे से चोरी की वैगनआर कार, फर्जी रजिस्ट्रेशन कार्ड और 30 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में अन्य वाहन चोरी की वारदातों के भी सुराग मिले हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद और भी खुलासे होने की संभावना है।

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