भिण्ड , अप्रैल 24 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में संगठित रूप से संचालित फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट का पुलिस ने खुलासा करते हुए अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में कलेक्ट्रेट के दो कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी करीब तीन लाख रुपए में फर्जी आर्म्स लाइसेंस तैयार कर लोगों को उपलब्ध कराते थे। लहार क्षेत्र से सुनील शर्मा और उसके बेटे प्रांशु शर्मा को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि सुनील के खिलाफ पहले से सात आपराधिक मामले दर्ज हैं, इसलिए उसने अपने बेटे के नाम पर फर्जी लाइसेंस बनवाया था।
डीआईजी एवं भिण्ड एसपी डॉ. असित यादव के निर्देशन में साइबर टीम ने नेटग्रिड के माध्यम से जांच की। जांच में पाया गया कि गिरोह पैन कार्ड, आधार कार्ड और फोटो जैसे दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर ऑनलाइन फर्जी लाइसेंस तैयार करता था। इन लाइसेंसों पर क्यूआर कोड और जिला अधिकारी भिण्ड का नाम अंकित कर उन्हें असली जैसा बनाया जाता था।
पुलिस ने इस मामले में रोहित चांडोले, प्रवीण भावरे, सतीश चंद्र, सतीश त्रिपाठी, पुष्पेंद्र राजावत, अवरार खान, रामसेवक कोरकू, मधुबाला मौर्य, अजीत कुशवाह, सुमेर यादव, राधाचरण नायक, राहुल पाटिल, प्रांशु शर्मा और सुनील शर्मा को गिरफ्तार किया है। इनमें से पांच आरोपियों ने अपने या परिजनों के नाम पर फर्जी लाइसेंस बनवाए थे।
जांच में खुलासा हुआ कि कलेक्ट्रेट की आर्म्स शाखा के कर्मचारियों की मिलीभगत से यह रैकेट संचालित हो रहा था। पुलिस ने आर्म्स शाखा की कर्मचारी मधुबाला मौर्य और भृत्य रामसेवक कोरकू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच जारी है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 32 बोर की 10 पिस्टल और एक 315 बोर रायफल भी बरामद की है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह ने ग्वालियर-चंबल संभाग सहित मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और जम्मू के पते पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है।
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