भिण्ड , जुलाई 24 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड में शुक्रवार को "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत आयोजित पांच किलोमीटर मैराथन के माध्यम से नशामुक्ति का जनजागरण संदेश दिया गया। मैराथन में न्यायपालिका, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लेकर युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की।
मैराथन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसकेएस बारिया, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय दिलीप गुप्ता, कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा तथा पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। पुलिस अधिकारी एवं जवान, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के सदस्य, खिलाड़ी, विद्यार्थी और शहरवासी भी इसमें शामिल हुए। प्रतिभागियों ने हाथों में जागरूकता संबंधी तख्तियां लेकर नशामुक्ति के नारे लगाए।
मैराथन के समापन पर प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। सभी ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है, इसलिए इसके खिलाफ सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की थीम "उल्लास-एक अभिनव प्रयोग" भी आकर्षण का केंद्र रही। इसके माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश देते हुए बताया गया कि वास्तविक खुशी नशे में नहीं, बल्कि सकारात्मक जीवन जीने में है।
अतिथियों ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और यदि वे खेल, शिक्षा तथा अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ेंगे तो नशे जैसी सामाजिक बुराई पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा रचनात्मक कार्यों में लगाने का आह्वान किया।
अधिकारियों ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही संभव है। कार्यक्रम में सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा आम नागरिकों की बड़ी भागीदारी रही और सभी ने नशामुक्त भिण्ड तथा स्वस्थ समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
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