भिण्ड , अक्टूवर 17 -- मध्य प्रदेश के भिण्ड में नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता की हत्या के मामले में 9 दिन बाद भी उसका शव नहीं मिला है। पुलिस के मुताबिक लिव-इन पार्टनर सत्यप्रकाश जाटव ने हत्या की बात स्वीकार की है। आरोप है कि उसने दोस्तों के साथ मिलकर स्नेहलता की हत्या की और शव चंबल-यमुना के संगम वाले पंचनदा क्षेत्र में फेंक दिया। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की पुलिस तीन दिन से टीमें नदी में शव की तलाश कर रही हैं।
बिहार के नालंदा से भिण्ड आए स्नेहलता के परिवार ने आरोप लगाया है कि बच्चे को अपने पास रखने को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। स्नेहलता के भाई अमित का दावा है कि सत्यप्रकाश पहले भी उसकी बहन के साथ मारपीट कर चुका था और एक बार उसका सिर तक फोड़ दिया था। परिवार को आशंका है कि बच्चे को लेकर हुए विवाद में ही उसकी हत्या की गई। हालांकि हत्या की वजह की पुष्टि पुलिस जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों से होना बाकी है।
स्नेहलता ने 8 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे परिवार से फोन पर बात की थी। इसके बाद शाम 7 बजे के आसपास उसका मोबाइल बंद हो गया। दो दिन तक संपर्क नहीं होने पर परिजन ने सत्यप्रकाश से बेटी के बारे में पूछा। परिवार के मुताबिक सत्यप्रकाश ने पहले बताया कि दोनों का 'एक्सीडेंट' हुआ था। बाद में उसने स्नेहलता की मौत होने और उसका अंतिम संस्कार कर देने की बात कही। उसने अस्थियां चंबल नदी में बहाने का भी दावा किया। बेटी की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिजन को संदेह हुआ। स्नेहलता के पिता संजय पांडे बिहार के नालंदा से भिण्ड पहुंचे और पुलिस में शिकायत की। इससे पहले सत्यप्रकाश भिण्ड कोतवाली थाने में स्नेहलता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा चुका था।
पुलिस ने परिजन के बयान और सत्यप्रकाश की अलग-अलग बातों के आधार पर उससे पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में उसने हत्या करना स्वीकार किया।
स्नेहलता के पिता संजय पांडे बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने बेटी को नर्सिंग की पढ़ाई कराने के लिए भिण्ड के मणि गिरजा नर्सिंग कॉलेज में एएनएम पाठ्यक्रम में दाखिला दिलाया था। परिवार के मुताबिक इसी दौरान स्नेहलता की मुलाकात कॉलेज में काम करने वाले सत्यप्रकाश से हुई। दोनों के बीच प्रेम संबंध बने और वे साथ रहने लगे। सत्यप्रकाश दो-तीन बार स्नेहलता के साथ उसके गांव भी गया था। स्नेहलता ने अपने पिता को बताया था कि उसने सत्यप्रकाश से शादी कर ली है। पिता संजय पांडे का आरोप है कि सत्यप्रकाश ने अपना नाम सत्यप्रकाश पांडे बताया और खुद को ब्राह्मण बताया था। परिवार ने उसे दामाद समझकर सम्मान दिया और खातिरदारी की।
स्नेहलता की मां शारदा और भाई अमित के मुताबिक सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा था। परिवार का दावा है कि उसकी पत्नी से संतान नहीं थी। करीब 10 महीने पहले स्नेहलता ने एक बेटे को जन्म दिया था। परिजन का आरोप है कि बच्चे के जन्म के बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगे। सत्यप्रकाश चाहता था कि स्नेहलता बच्चे को छोड़कर भिण्ड से चली जाए जबकि वह बेटे को अपने पास रखना चाहती थी।
स्नेहलता भिण्ड के खाटू श्याम अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर के रूप में काम कर रही थी और अपने बेटे के साथ रह रही थी। परिवार को आशंका है कि बच्चे को लेकर चल रहे विवाद के कारण ही उसकी हत्या की गई। स्नेहलता के परिजन का आरोप है कि अगस्त में भी सत्यप्रकाश ने उसके साथ मारपीट की थी। इस दौरान उसका सिर फोड़ दिया गया था। मामले में भिण्ड महिला थाने में शिकायत भी की गई थी। परिवार के मुताबिक बाद में दोनों के बीच समझौता हो गया और स्नेहलता फिर सत्यप्रकाश के साथ रहने लगी। परिजनों का आरोप है कि सत्यप्रकाश भिण्ड के जोशी नगर में रहता था जहां उसकी मां और पत्नी भी थी।
परिजन के मुताबिक सत्यप्रकाश बिहार और उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों को कॉलेज में दाखिला दिलाने का काम करता था। आरोप है कि वह कॉलेज के प्रचार-प्रसार के बहाने स्नेहलता को कानपुर ले जाने की बात कहकर निकला था। परिवार को संदेह है कि इस दौरान उसने दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। हालांकि इस आरोप की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस के मुताबिक स्नेहलता की हत्या के बाद उसका शव पंचनदा क्षेत्र में फेंके जाने का आरोप है। यह क्षेत्र यमुना, चंबल, सिंध, क्वारी और पहूज नदियों के संगम के लिए जाना जाता है।
मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की पुलिस टीमें नदी में शव तलाश रही हैं लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। आज भी शव तलाश की जा रही है। शव बरामद नहीं होने के कारण परिवार को अंतिम संस्कार और अंतिम दर्शन का इंतजार है। वहीं बच्चे को लेकर विवाद पहले हुई मारपीट की शिकायत और हत्या के घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ना अब जांच का अहम हिस्सा है।
भिण्ड नगर पुलिस अधीक्षक निरंजन राजपूत ने आज यहां बताया कि नर्सिंग ऑफीसर स्नेहलता हत्याकाण्ड के आरोपी सत्यप्रकाष को भिण्ड न्यायालय में पेश किया गया जहां पुलिस को चार दिन की पुलिस रिमाण्ड मिली है। पुलिस षव बरामदी के प्रयास कर रही है।
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