भिण्ड , अक्टूबर 04 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के अटेर अनुभाग के सुरपुरा में कृषि विभाग और पुलिस ने 600 बोरी एनपीके खाद जब्त की है। मामले की जांच में खाद के अंतरराज्यीय कारोबार से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। जब्त खाद के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जांच में सामने आया है कि बाजार में 2,150 रुपए कीमत वाली खाद की बोरी को 425 रुपए में खपाया जा रहा था। जब्त खाद की 600 बोरियों का अंकित कीमत के हिसाब से कुल मूल्य 12 लाख 90 हजार रुपए है, जबकि दस्तावेजों में जीएसटी सहित पूरे माल की कीमत 2 लाख 67 हजार 750 रुपए दर्शाई गई है।
कार्रवाई की भनक लगने के बाद ट्रक चालक के वॉट्सऐप से गोदाम की लोकेशन डिलीट करवा दी गई। इसके बाद जांच टीम को लोकेशन का पता लगाने में मशक्कत करनी पड़ी। इसी इनपुट के आधार पर मंदसौर कृषि विभाग की टीम ने 14 वेयरहाउसों पर एक साथ छापा मारा, लेकिन वहां से पहले ही माल हटा लिया गया था।
जांच के अनुसार राजस्थान के भीलवाड़ा से विजेश कुमार यादव ट्रक में 700 बोरी खाद लेकर निकला था। खाद को मंदसौर के साबाखेड़ा स्थित 'सुपर एग्रो वेयरहाउस' में लाया गया। वहां से 600 बोरी दूसरे ट्रक में लोड कर भिण्ड के सुरपुरा भेजी गई, जबकि 100 बोरी तीसरे ट्रक से रतलाम जिले के तात फंटा भेजी गई।
जब्त बोरियों पर निर्माता कंपनी के रूप में गुजरात के वलसाड स्थित 'उन्नति एग्रो फॉस्फेट प्राइवेट लिमिटेड' का नाम दर्ज है। जांच में मंदसौर के विजय बैरागी और इंदौर के नितिन छावड़ा के नाम सामने आए हैं। खाद के परिवहन के लिए मंदसौर की 'दाईमा एग्रो फॉस्फेट' फर्म के नाम से बिल बनाया गया था। बिल में खरीदार का नाम झंवरलाल शर्मा और पता सूरजभान चौक, भिण्ड लिखा है, जबकि पिनकोड 476001 दर्ज है, जो मुरैना शहर का बताया गया है। पुलिस सुरपुरा स्थित गोदाम मालिक पंकज दीक्षित की भूमिका की भी जांच कर रही है।
भिण्ड कृषि विभाग के उप संचालक रामसुजान शर्मा ने बताया कि सुरपुरा में जब्त खाद मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपियों के नाम सामने आ चुके हैं और जल्द ही उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। खाद के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद वैधानिक धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा।
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