भिण्ड , अक्टूबर 24 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड में साइबर ठगों ने ज्वेलर्स कारोबारी और एक अन्य को निशाना बनाकर उनके खातों से कुल 7.90 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।
भिण्ड के सदर बाजार के एक ज्वेलर्स के तीन अलग-अलग बैंक खातों से 6.90 लाख रुपए निकल गए। कारोबारी ने इसकी शिकायत शुक्रवार को साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज करायी है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मोबाइल बंद होने के बाद खातों से यह रकम निकाली गई लेकिन ट्रांजेक्शन के मैसेज तक नहीं मिले। वहीं भिण्ड जिले के लहार अनुभाग के मिहोना थाना क्षेत्र के बंथरी गांव के एक युवक के साथ एक लाख रुपए की धोखाधड़ी हुई है। दोनों मामलों में भिण्ड सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सदर बाजार निवासी संजय कुमार जैन ज्वेलरी का कारोबार करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल नंबर से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और आईडीबीआई बैंक के खाते जुड़े हुए हैं। 15 अक्टूबर को दोपहर करीब तीन बजे अचानक उनका मोबाइल काम करना बंद हो गया। शाम करीब छह बजे मोबाइल दोबारा चालू हुआ लेकिन उस समय उन्होंने यूपीआई से हुए लेनदेन की जांच नहीं की। 20 अक्टूबर को जब उन्होंने यूपीआई स्टेटमेंट देखा, तब खातों से रकम निकलने का पता चला। कारोबारी के मुताबिक 15 से 19 अक्टूबर के बीच अलग-अलग तारीखों में उनके तीनों बैंक खातों से कुल छह लाख 90 हजार रुपए निकाले गए। उनका कहना है कि इस दौरान मोबाइल पर रकम निकासी से संबंधित कोई संदेश भी नहीं आया।
खातों से रकम निकलने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क कर खाते लॉक कराए। इसके बाद कल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। मोबाइल बंद होने और खातों से रकम निकलने के बीच क्या संबंध है इसकी जांच की जा रही है।
साइबर ठगी का दूसरा मामला मिहोना थाना क्षेत्र के बंथरी गांव का है। यहां वार्ड क्रमांक 2 निवासी राजेश कुशवाह ने पुलिस को शिकायत दी कि सात अक्टूबर की सुबह 11 बजे से आठ अक्टूबर की शाम चार बजे के बीच अज्ञात व्यक्ति ने उनके साथ एक लाख रुपए की धोखाधड़ी की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में लिया है।
भिण्ड सिटी कोतवाली पुलिस के मुताबिक दोनों शिकायतों पर प्रकरण दर्ज किए गए हैं। बैंक खातों से हुए लेनदेन और साइबर धोखाधड़ी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई और इन घटनाओं में आरोपियों तक कैसे पहुंचा जा सकता है।
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