भिण्ड , जुलाई 21 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में मानसून ने पिछले दो दिनों में रफ्तार जरूर पकड़ी है, लेकिन सामान्य से कम बारिश के कारण खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है। इस मानसून सीजन में अब तक जिले में सामान्य से 161.2 मिमी कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 36 मिमी वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक 67 मिमी बारिश रौन क्षेत्र में हुई। इसके अलावा मौ में 65 मिमी, भिण्ड शहर में 44 मिमी, फूप में 40 मिमी, लहार में 34 मिमी, गोरमी में 29 मिमी, अटेर में 21 मिमी तथा मेहगांव में 10 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।

जुलाई माह समाप्ति की ओर है, लेकिन जिले में अब तक केवल 254.1 मिमी वर्षा दर्ज हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक 415.3 मिमी बारिश हो चुकी थी। इस प्रकार इस वर्ष अब तक 161.2 मिमी कम वर्षा दर्ज की गई है।

कम बारिश का सबसे अधिक असर कृषि कार्यों पर पड़ा है। पर्याप्त नमी नहीं मिलने से किसान ज्वार, बाजरा, उड़द और तिल जैसी खरीफ फसलों की समय पर बुवाई नहीं कर सके हैं। किसानों का कहना है कि यदि जुलाई के शेष दिनों में अच्छी वर्षा नहीं हुई तो खरीफ सीजन प्रभावित हो सकता है।

मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों तक जिले में बादल छाए रहने और कई स्थानों पर रुक-रुककर बारिश होने की संभावना जताई है। साथ ही तापमान में हल्की गिरावट रहने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

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