ग्वालियर , जून 01 -- ग्वालियर में यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से 15 जून से मल्लगढ़ा थाना क्षेत्र के समीप स्थित नए अंतरराज्यीय बस टर्मिनल से भिण्ड और मुरैना मार्ग की बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही निजी लग्जरी वीडियो कोच और स्लीपर बसों को भी नए बस टर्मिनल से संचालित करने की तैयारी की जा रही है।

ऊर्जा मंत्री डॉ. प्रद्युम्न सिंह तोमर और सांसद भारत सिंह कुशवाह की उपस्थिति में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बस संचालक संघ ने भी नई व्यवस्था पर सहमति जताई है।

नई व्यवस्था के तहत ग्वालियर से भिण्ड और मुरैना जाने वाली बसें पहले पुराने बस स्टैंड से रवाना होंगी, लेकिन यात्रियों को लेने के लिए नए अंतरराज्यीय बस टर्मिनल पहुंचना अनिवार्य होगा। किसी भी बस को शहर के भीतर से सीधे बायपास मार्ग का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी। आगामी चरणों में अन्य मार्गों की बसों को भी नए बस टर्मिनल पर स्थानांतरित किया जाएगा।

दिल्ली, जयपुर, इंदौर, भोपाल सहित अन्य शहरों के लिए संचालित निजी स्लीपर और वीडियो कोच बसों का संचालन भी नए बस टर्मिनल से किए जाने की योजना है। इस संबंध में जिला प्रशासन शीघ्र ही बस संचालकों के साथ बैठक करेगा।

स्मार्ट सिटी की लोक परिवहन सेवा 'द सूत्र' का मुख्य संचालन केंद्र भी नए बस टर्मिनल को बनाया जाएगा, जहां से शहर के विभिन्न क्षेत्रों के लिए बस सेवाएं संचालित होंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए पुराने बस स्टैंड और नए बस टर्मिनल के बीच ऑटो, ई-रिक्शा और अन्य सार्वजनिक परिवहन वाहनों के किराये निर्धारित किए जाएंगे। साथ ही अवैध रूप से सवारी ढोने वाले वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।

डॉ. मोहन यादव सरकार में ऊर्जा मंत्री मंत्री डॉ. प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक बस टर्मिनल का उपयोग नागरिकों की सुविधा के लिए किया जाना चाहिए। इससे शहर को यातायात जाम से राहत मिलेगी और परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी।

सांसद भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि पुराने बस स्टैंड के कारण शहर के मध्य क्षेत्र में यातायात का दबाव बढ़ता है। नए बस टर्मिनल के उपयोग से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और यातायात व्यवस्था में सुधार होगा।

कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि 15 जून से नई व्यवस्था हर हाल में लागू की जाएगी। बसों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए प्रमुख मार्गों पर अस्थायी चढ़ाने-उतारने केंद्र विकसित किए जाएंगे तथा अवैध परिवहन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित