पटना , सितंबर 07 -- िहार में भिक्षावृत्ति निवारण योजना के माध्यम से सड़कों पर जीवन गुजारने वाले बेसहारा, वृद्ध, दिव्यांग और जरूरतमंद लोगों को आश्रय, उपचार, प्रशिक्षण और स्वरोजगार से जोड़कर सम्मानजनक जीवन की ओर बढ़ाया जा रहा है। भिक्षावृत्ति निवारण योजना ने कई बेसहारों, बेघरों के जीवन में नया अध्याय शुरू कर समाज कल्याण की नयी कहानी रची है। योजना के माध्यम से ऐसे लोगों को न सिर्फ भिक्षावृत्ति से बाहर निकालकर सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें आश्रय, इलाज और स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

राजधानी पटना के पाटलिपुत्र इलाके स्थित शांति कुटिर महिला पुनर्वास केंद्र की संस्थापक राखी शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री की इस कल्याणकारी पहल ने कई बेघर और लाचार लोगों की जिंदगी में नई रोशनी भरने का काम किया है। केंद्र की टीम सड़कों और सार्वजनिक स्थानों से जरूरतमंद महिलाओं को रेस्क्यू कर उन्हें केंद्र तक लाती है। यहां उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखने के साथ इलाज की व्यवस्था की जाती है और उनकी रुचि के अनुरूप सिलाई-कढ़ाई, मिट्टी के खिलौने बनाने समेत विभिन्न लघु उद्योगों से जोड़कर उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया जाता है।

राखी शर्मा के अनुसार, अब तक योजना के तहत 982 बेघर और लाचार लोगों को रेस्क्यू कर केंद्र में लाकर उन्हें सहारा दिया गया है। इनमें से 780 लोगों को उपचार और आवश्यक देखभाल के बाद सुरक्षित रूप से उनके परिवारों तक पहुंचाया जा चुका है। कभी सड़कों पर बेबसी के बीच गुजर-बसर करने वाले इन लोगों के लिए यह पहल महज एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि सम्मान के साथ दोबारा जिंदगी शुरू करने का जरिया बन रही है।

राज्य में इस योजना का संचालन 10 जिलों में किया जा रहा है। जिसमें पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर, मुंगेर, सहरसा व सारण में अबतक हजारों लोगों को रेस्क्यू किया गया है। जिसमें इच्छुक भिक्षुकों को 10 हजार की आर्थिक सहायता राशि भी दी गयी। विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार 610 भिक्षुकों को अबतक आर्थिक सहायता के तहत मदद भी दी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री की भिक्षावृत्ति निवारण योजना के तहत 10319 पंजीकृत लोगों को सेवा कुटिर, शांति कुटिर, वृद्धाश्रम, रैन बसेरा प्रदान करके उनके सिर पर छत देने का काम किया गया है। साथ ही 10 जिलों में स्वास्थ्य सह दिव्यांगता प्रमाणीकरण शिविर का आयोजन भी किया गया है। सेवा केंद्र पर भिक्षावृत्तियों को जरूरी दस्तावेज जैसे- आधारकार्ड,पैनकार्ड, आयुष्मान कार्ड का निर्माण भी कराया जाता है।

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