भिंड , अगस्त 05 -- मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर चल रही कलमबंद एवं अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी भिंड जिले में पूरी तरह प्रभावी रही। जिले के करीब 450 पटवारियों ने शासकीय लेखन संबंधी सभी कार्य बंद रखकर आंदोलन में भाग लिया। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि लंबित मांगों पर शासन स्तर से ठोस एवं सम्मानजनक निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
जिला अध्यक्ष विनायक सिंह तोमर ने बताया कि प्रांतीय स्तर पर शासन और पटवारी संघ के प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता किसी सकारात्मक निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशानुसार प्रदेशभर में हड़ताल पूर्ववत जारी रखी गई है। भिंड जिले में जिला मुख्यालय और गोहद तहसील को आंदोलन का प्रमुख केंद्र बनाया गया है, जहां बड़ी संख्या में पटवारी शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से धरना दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान सभी पटवारियों में एकजुटता, उत्साह और संगठन के प्रति समर्पण दिखाई दे रहा है। संघ का कहना है कि वर्षों से लंबित कैडर रिव्यू, समयबद्ध पदोन्नति सहित अन्य न्यायोचित मांगों को लेकर कई बार शासन का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण पटवारियों को अनिश्चितकालीन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
श्री तोमर ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से पटवारियों को सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है। उनका विश्वास है कि सरकार राजस्व व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पटवारियों की लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने पर राजस्व संबंधी कार्य भी सामान्य रूप से फिर शुरू हो सकेंगे।
जिला अध्यक्ष ने आंदोलन को शांतिपूर्ण और अनुशासित बनाए रखने के लिए जिले के सभी पटवारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशानुसार शासन के निर्णय तक हड़ताल लगातार जारी रहेगी।
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