भुवनेश्वर , मार्च 06 -- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विश्वास जताया है कि भारत 31 मार्च तक नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो जायेगा और सुरक्षा बल उन लोगों को पराजित करेंगे जो तिरुपति से पशुपतिनाथ तक 'रेड कॉरिडोर' स्थापित करने का सपना देखते हैं।

श्री शाह ने शुक्रवार को ओडिशा के मुंडाली में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 57वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद मुक्त भारत हासिल करना देश के सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।

गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार 31 मार्च तक नक्सलवाद खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने इस प्रयास में सीआईएसएफ के महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में नक्सल विरोधी अभियानों में बल की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि देश इस खतरे को जड़ से मिटाने की कगार पर है।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की परिकल्पना पूरे राष्ट्र का विकास सुनिश्चित करना और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। इसके लिये आंतरिक और बाहरी दोनों सुरक्षा आवश्यक है। गृह मंत्रालय सीमाओं और देश के भीतर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

श्री शाह ने उल्लेख किया कि 56 वर्षों की सेवा पूरी करने के बाद सीआईएसएफ औद्योगिक सुरक्षा के क्षेत्र में शिखर पर पहुंच गया है, जो इसके कर्मियों के समर्पण और साहस को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में, यह बल हाइब्रिड मोड में निजी औद्योगिक समूहों को भी सुरक्षा प्रदान करेगा।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्र को मजबूत करने और दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का दृष्टिकोण औद्योगिक विकास के बिना साकार नहीं हो सकता। इसके लिए औद्योगिक विकास के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय स्तर के औद्योगिक सुरक्षा बल का होना अनिवार्य है।

उन्होंने कहा कि पिछले पांच दशकों में सीआईएसएफ ने न केवल अपनी स्थापना के उद्देश्यों को पूरा किया है, बल्कि खुद को नयी चुनौतियों के अनुरूप ढाला है। इस बल ने अपनी परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक तकनीक को अपनाया है और उभरते खतरों का सामना करने के लिए आधुनिक उपकरणों के साथ वीरता, बलिदान और समर्पण का समन्वय किया है।

श्री शाह ने कहा, "सीआईएसएफ के बिना भारत के औद्योगिक विकास की कल्पना नहीं की जा सकती, जो हमेशा राष्ट्र की ढाल के रूप में मजबूती से खड़ा रहा है।"उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार ने देश भर के सभी बंदरगाहों की सुरक्षा सीआईएसएफ को सौंपने का निर्णय लिया है। श्री शाह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने और हर क्षेत्र में वैश्विक दिग्गजों के बीच खड़ा करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि देश का लक्ष्य 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है और इसके लिये देश में आतंरिक और बाहरी सुरक्षा सुनिश्चत करना जरूरी है और इसमें सीआईएसएफ की भूमिका काफी अहम होगी।

इस अवसर पर गृह मंत्री ने कामरूप, नासिक और सीहोर में तीन सीआईएसएफ आवासीय परिसरों की आधारशिला रखी और राजरहाट एवं दिल्ली में 890 करोड़ रुपये की कुल लागत से बने दो आवासीय परिसरों का उद्घाटन किया।

उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ कर्मियों के बलिदान ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस बल ने अपने कर्तव्यों से कभी पीछे कदम नहीं हटाया है।

श्री शाह ने उल्लेख किया कि सीआईएसएफ कर्मियों को नौ राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक और दो सर्वश्रेष्ठ बटालियन पुरस्कार मिले हैं, जबकि इसके एथलीटों ने अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में भी पदक जीते हैं, जो कई क्षेत्रों में उत्कृष्टता को दर्शाता है।

वर्तमान में सीआईएसएफ देश के 70 हवाई अड्डों सहित 361 महत्वपूर्ण संस्थानों को सुरक्षा प्रदान करता है। इस बल को ड्रोन सुरक्षा के लिए नोडल एजेंसी के रूप में भी नामित किया गया है।

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