नयी दिल्ली , मई 08 -- केंद्रीय वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल स्विट्जरलैंड की यात्रा कर भारत और पश्चिम यूरोप के चार देशों के मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए ) के साथ हुए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टेपा) के कार्यान्वयन के कार्य को आगे बढ़ाने और भारत-स्विट्जरलैंड के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को मज़बूत करने के बारे में वहां के अधिकारियों के साथ बैठकें कीं।
श्री अग्रवाल ने की 6-7 मई की इस यात्रा के बाद वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की शुक्रवार को यहां जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया कि इस दौरे का मुख्य उद्येश्य टेपा से उत्पन्न संभावनाओं को ठोस व्यावसायिक साझेदारियों और निवेश की प्रतिबद्धताओं के को उद्योग द्वारा उपयोग में बदलने के उपायों पर था। इससे पहले इस साल फरवरी में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पारमेलिन से उनकी भारत यात्रा के दौरान मुलाकात की थी।
दोनों नेताओंने उस मुलाकात में समझौते को केवल नीतिगत ढांचे तक सीमित रखने के बजाय वास्तविक व्यावसायिक परिणामों में बदलने के लिए एक वृहद योजना बनाने के प्रस्ताव की समीक्षा की थी। वाणिज्य सचिव श्नी अग्रवाल ने स्विट्जरलैंड के आर्थिक मामलों की सचिव हेलेन बुडलिंगर आर्टिएडा के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों पक्षों ने टेपा लागू होने के बाद से हुई प्रगति की समीक्षा की। साथ ही, व्यापार और निवेश का विस्तार करने, नियामक सहयोग को मज़बूत बनाने, गैर-शुल्क बाधाओं को दूर करने और गहरे व्यावसायिक संबंधों को बढ़ावा देने के उपायों पर भी चर्चा की गई ।
श्री अग्रवाल ने बातचीत में ज़ोर दिया कि समझौते के कार्यान्वयन से जुड़ी समस्याओं को शुरुआती चरण में ही सुलझाना बेहद ज़रूरी है, ताकि दोनों पक्षों के उद्यम इस समझौते का पूरा-पूरा लाभ उठा सकें। स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन की सदस्यता वाले समूह के साथ भारत का यह समझौता 10 मार्च 2024 हुआ और पहली अक्टूबर 2025 से यह प्रभावी हो गया है।
वाणिज्य सचिव ने 06 मई 55वें सेंट गैलेन संगोष्ठी में भी हिस्सा लिया और वहां सुश्री आर्टिएडा के साथ मिलकर भारत-ईएफटीए टेपा पर केंद्रित रात्रि भोज पर में हिस्सा लिया जिसका उद्येश्य व्यवसायियों के बीच सम्पर्क का अवसर प्रदान करना था । इस सत्र को श्री गोयल ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत ने 38 विकसित देशों के साथ नौ मुक्त व्यापार समझौते संपन्न किए हैं। इन समझौतों ने भारतीय निर्माताओं, सेवा प्रदाता फर्मों, किसानों, मछुआरों, श्रमिकों, महिलाओं, युवाओं, स्टार्टअप्स, एमएसएमई और पेशेवरों के लिए व्यापक अवसर पैदा किए हैं।
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