नयी दिल्ली , अक्टूबर 28 -- भारत वेब3 एसोसिएशन (बीडब्ल्यूए) ने वर्चुअल डिजिटल एसेट (वीडीए) क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत करने के लिए स्वतंत्र स्व-नियामक निकाय (एसआरबी) के गठन की घोषणा की है।

बीडब्ल्यूए ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी रोहित कुमार सिंह को एसआरबी का अध्यक्ष तथा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति विभाग की पूर्व प्रभारी सलाहकार डॉ. प्रज्ञा दास को इसका सदस्य बनाया है।

वीडीए एक ऐसा डिजिटल कोड, नंबर या टोकन है जिसे क्रिप्टोग्राफिक या अन्य माध्यमों से बनाया जाता है और जिसका बाजार में मूल्य होता है। इसमें क्रिप्टोकरेंसी, ब्लाक चेन प्रौद्योगिकी से दर्ज बिशिष्ट पहचाना वाले टोकन तथा डिजिटल गेमिंग सम्पत्तियां आदि शामिल होती हैं।

एसोसिएशन की बुधवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार इसका उद्देश्य क्षेत्र में बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करना, जिम्मेदार कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देना और नियमों के पालन को प्रोत्साहित करना है। एसआरबी के दिशानिर्देश वैश्विक स्तर पर अपनाई जाने वाली बेहतर कार्यप्रणालियों और भारत में स्व-नियामक संगठनों के लिए आरबीआई की ओर से जारी रूपरेखाओं पर आधारित हैं। इनमें वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र से संबंधित व्यवस्थाएं भी शामिल हैं।

विज्ञप्ति में कहा गया है, "एसआरबी अपने सदस्यों को निष्पक्ष व्यापार, बाजार की पारदर्शिता, साइबर सुरक्षा, डिजिटल परिसंपत्तियों और ग्राहकों के आंकड़ों की सुरक्षा, टोकन सूचीबद्ध करने में पारदर्शिता, उपभोक्ता संरक्षण, शिकायत निवारण तथा जिम्मेदार विपणन और संचार से जुड़े मानकों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। यह निकाय धनशोधन रोकने और आतंकवाद के वित्तपोषण पर अंकुश लगाने से संबंधित प्रक्रियाओं सहित शासन व्यवस्था और अनुपालन की समय-समय पर समीक्षा करेगा। इसके अलावा, सदस्यों की कार्यप्रणालियों में सुधार के लिए आवश्यक उपायों की सिफारिश भी करेगा।"बीडब्ल्यूए के अध्यक्ष दिलीप चेनॉय ने कहा कि एसआरबी का गठन इस क्षेत्र में अनुपालन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता की दिशा में उठाया गया कदम है। एसआरबी के अध्यक्ष सिंह ने कहा कि उभरती प्रौद्योगिकियों की पूरी क्षमता का लाभ तभी उठाया जा सकता है, जब नवाचार के साथ विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही भी हो। तेजी से विकसित हो रहे वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति क्षेत्र में स्व-नियमन उपभोक्ताओं की सुरक्षा, जिम्मेदार बाजार प्रथाओं को बढ़ावा देने और जनता का भरोसा मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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