रुड़की , सितम्बर 19 -- भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत कुमार डोभाल ने शनिवार को उत्तराखंड के रुड़की स्थित आईआईटी के दीक्षांत समारोह में उपस्थित युवाओं से अपेक्षा की कि भारत के सामने मौजूद चुनौतियों के लिए ऐसे युवा पेशेवरों और शोधकर्ताओं की आवश्यकता है, जो नवोन्मेषी ढंग से सोच सकें, ईमानदारी के साथ कार्य करें और उद्देश्य की मजबूत भावना के साथ योगदान दें।
श्री डोभाल ने कहा कि आईआईटी रुड़की जैसे संस्थान के दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनना मेरे लिए गौरव की बात है। इस संस्थान ने शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार में उत्कृष्टता के माध्यम से राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि जब स्नातक विद्यार्थी अपनी यात्रा के अगले चरण की शुरुआत कर रहे हैं, तब वे अपने साथ संस्थान में अर्जित ज्ञान और कौशल के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के व्यापक हित के लिए उनका उपयोग करने की जिम्मेदारी भी लेकर जा रहे हैं। उन्होंने सभी स्नातक विद्यार्थियों को बधाई देते हुये उनके भविष्य के सभी प्रयासों के लिए शुभकामनाएं भी दी।
दीक्षांत समारोह में कुल 1,277 स्नातक विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें स्नातक स्तर पर बी.आर्क, बी.टेक, इंटीग्रेटेड एम.टेक, इंटीग्रेटेड एम.एससी., आईडीडी, बीएस-एमएस और बी.एस. सहित विभिन्न कार्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इन विद्यार्थियों में 1,001 छात्र और 276 छात्राएं शामिल हैं। जबकि बीएस-एमएस केमिकल साइंसेज के विद्यार्थी श्रीवरदन बालाजी ने प्रेसीडेंट गोल्ड मेडल प्राप्त किया। उन्हें जेईई (एडवांस्ड) के माध्यम से प्रवेश लेने वाले स्नातक विद्यार्थियों में सर्वाधिक सीजीपीए प्राप्त करने के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया।
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