उज्जैन , अगस्त 26 -- खगोलीय घटनाक्रम के तहत 28 अगस्त को होने वाला इस वर्ष का अंतिम चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। उज्जैन की प्राचीन शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन की रात 28 अगस्त को आंशिक चंद्र ग्रहण होगा। आंशिक चंद्र ग्रहण उस समय होता है, जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा पूरी तरह एक सीधी रेखा में नहीं होते और पृथ्वी की छाया का एक हिस्सा ही चंद्रमा पर पड़ता है। इस दौरान चंद्रमा का कुछ भाग पृथ्वी की छाया से ढक जाता है। इस ग्रहण में चंद्रमा का करीब 93.9 प्रतिशत भाग पृथ्वी की गहरी छाया में आ जाएगा।

उन्होंने बताया कि ग्रहण का प्रारंभ रात आठ बजकर तीन मिनट पर होगा। इसका मध्यकाल रात नौ बजकर 42 मिनट पर रहेगा, जबकि मोक्ष रात 11 बजकर 22 मिनट पर होगा। यह चंद्र ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा। डॉ. गुप्त के अनुसार आंशिक चंद्र ग्रहण अंटार्कटिका, अफ्रीका, यूरोप, एशिया तथा हिंद, अटलांटिक और प्रशांत महासागर के क्षेत्रों में देखा जा सकेगा।

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