नयी दिल्ली , अक्टूबर 09 -- स्टारलिंक के बाद अब एक और अमेरिकी कंपनी अमेजन ने भी भारत में उपग्रह संचार सेवा शुरू करने में रुचि दिखाई है।

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यहां यशोभूमि में चल रहे इंडिया मोबाइल कांग्रेस में शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि रिलायंस जियो, भारती एंटरप्राइजेज के वनवेब और अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क के स्टारलिंक को लाइसेंस जारी किया जा चुका है। उन्होंने कहा, "एक और पार्टी (कंपनी) है जो लाइसेंस लेने में दिलचस्पी रखती है। अब, उस पार्टी को उस प्रक्रिया को पूरा करना होगा। वह अमेजन कूपर है।"उल्लेखनीय है कि अमेजन ने "अमेजन कूपर" नाम से अपनी उपग्रह संचार सेवा शुरू की है जिसे आम तौर पर अमेजन लिओ के नाम से जाना जाता है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत किसी भी सेक्टर में एकाधिकार की इजाजत नहीं देता है। और इसलिए, उपग्रह संचार के मामले में भी किसी एक लाइसेंस धारक को नहीं चुना गया है।

मंत्री ने कहा, "एक बार राजस्व शुल्क सिस्टम फाइनल हो जाए और ये तीनों पार्टियां सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं और जरूरी शर्तों के आधार पर अपने पड़ाव या उपलब्धियों के अनुसार सभी जरूरतों को पूरा कर लें, तो जाहिर है, वे अपना परिचालन शुरू कर सकती हैं।"श्री सिंधिया ने कहा कि सरकार की सोच बहुत सकारात्मक है। वह 'विकसित भारत 2047' बनाना चाहती है। सबसे पहले, उपग्रह संचार को ग्रामीण कनेक्टिविटी सेवा के तौर पर रखा है जो आखिरी छोर तक पहुंचेगा। उन्होंने एक बार फिर स्पष्ट किया कि उपग्रह संचार की कीमत सरकार तय करेगी।

इससे पहले अपने संबोधन में संचार मंत्री ने कहा कि पिछले 10 साल में देश में संचार नेटवर्क के विस्तार पर फोकस किया गया। अब अगले 10 साल उपभोग पर केंद्रित होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 'मेड इन इंडिया' से आगे बढ़कर 'डिजाइन-डेवलप्ड मेड इन इंडिया' की ओर बढ़ना है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित