नयी दिल्ली , सितंबर 3 -- भारत टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन (बीटीटीएफ) ने रचनात्मक फैशन, वस्त्र और खरीद के लिए विश्व के एक अग्रणी मंच प्रीमियर विजन एसए के साथ सहयोग का करार किया है जिसका उद्देश्य वैश्विक, विशेष कर फ्रांस के फैशन और वस्त्र उद्योग पारिस्थितिकी तंत्र के साथ भारत की भागीदारी सुदृढ़ करने के लिए एक संस्थागत साझेदारी स्थापित करना है।
इस कई वर्षों के लिए हुए इस समझौते के ज्ञापन पर बुधवार को पेरिस (फ्रांस) में प्रीमियर विजन प्रदर्शनी के दौरान हस्ताक्षर किये गये।
कपड़ा मंत्रालय ने गुरुवार को यहां एक विज्ञप्ति में बताया कि समझौता ज्ञापन पर भारत टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन के कोर कमेटी सदस्य और परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) के अध्यक्ष डॉ. ए. शक्तिवेल और प्रीमियर विजन एसए की फैशन डिवीजन की सीईओ फ्लोरेंस रूसन ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर केंद्रीय कपड़ा सचिव नीलम शमी राव और हथकरघा विकास आयुक्त डॉ. एम. बीना उपस्थित थीं।
हस्ताक्षर समारोह में भारत के शीर्ष उद्योगपतियों, अग्रणी डिजाइनरों, ईपीसी अधिकारियों, भारतीय दूतावास के अधिकारियों, भारत टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन के प्रतिनिधियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। यह समझौता ज्ञापन 14 जुलाई को नई दिल्ली में भारत टेक्स 2026 में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह की उपस्थिति में हस्ताक्षरित एक आशय पत्र (एलओआई) पर आधारित है, जो व्यापार, सोर्सिंग, डिजाइन, स्थिरता और विरासत के क्षेत्र में निरंतर सहयोग की दृष्टि को साकार करता है।
कपड़ा मंत्रालय के अनुसार यह साझेदारी भारतीय वस्त्र निर्माताओं, निर्यातकों, डिजाइनरों और कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, फैशन हाउसों और प्रीमियम सोर्सिंग नेटवर्क से जुड़ने का एक प्रमुख अवसर प्रदान करेगी।
इसका एक प्रमुख रणनीतिक उद्देश्य भारत को मात्रा-आधारित निर्यात से आगे बढ़कर उच्च-मूल्य, डिज़ाइन-आधारित और प्रीमियम सेगमेंट की ओर ले जाना है। प्रीमियर विज़न के व्यापार सूचना प्लेटफॉर्म भारतीय उद्यमों को वैश्विक बाजार की मांगों के अनुरूप ढलने और टिकाऊ, उच्च-गुणवत्ता वाले सोर्सिंग समाधानों की तलाश करने वाले खरीदारों के साथ संबंध बनाने में सहायता करेंगे।
यह साझेदारी एक ऐसे महत्वपूर्ण दौर में हो रही है जबकि इसी साल जनवरी में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किये गये है। इस समझौते के भारत को यूरोपीय बाजार में मंगायी जाने वाली 96.8 प्रतिशत वस्तुओं पर वरीयता के आधार पर प्रवेश मिलेगा जो वहां भारत के 99.5 प्रतिशत निर्यात पर लागू होगा। और व्यापार मूल्य के हिसाब से 90.7 प्रतिशत निर्यात के लागू होने पर शुल्क-मुक्त होने की उम्मीद है।
वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र के लिए यह अवसर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। वर्ष 2025 में यूरोपीय संघ का वैश्विक वस्त्र एवं परिधान आयात लगभग 292.8 अरब अमेरिकी डॉलर था जिसमें भारत के निर्यात का हिस्सा लगभग 10.4 अरब डॉलर था ।
डॉ. शक्तिवेल ने कहा कि प्रीमियर विजन के साथ यह साझेदारी भारतीय वस्त्रों को वैश्विक बाजारों से और अधिक निकटता से जोड़ेगी, साथ ही हमारी समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करेगी और स्थिरता को बढ़ावा देगी, जिससे एक प्रतिस्पर्धी और जिम्मेदार वस्त्र केंद्र के रूप में भारत की स्थिति मजबूत होगी।
प्रीमियर विजन के फैशन प्रभाग की सीईओ फ्लोरेंस रूसन ने कहा कि हम रचनात्मकता, नवाचार और जिम्मेदार सोर्सिंग को बढ़ावा देने के लिए भारत टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन के साथ साझेदारी करके खुश हैं, साथ ही वस्त्र मूल्य श्रृंखला में भारतीय और फ्रांसीसी हितधारकों के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं।
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