बेंगलुरु , अप्रैल 09 -- चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने गुरुवार को कहा कि देश परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत परमाणु साये के बीच भी पारंपरिक सैन्य अभियान जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार है।

इसे भारत के दृष्टिकोण में एक 'न्यू नॉर्मल' बताते हुए जनरल चौहान ने कहा कि देश के संकल्प को उच्चतम स्तर पर स्पष्ट रूप से व्यक्त किया गया है। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस टिप्पणी को याद किया कि भारत परमाणु खतरों से नहीं डरेगा। उन्होंने कहा, "हमें हमले के बाद के वातावरण में भी अभियान चलाने के लिए तैयार रहना चाहिए। पारंपरिक और परमाणु क्षेत्रों के बीच का संबंध अब मजबूती से स्थापित हो गया है।"जनरल चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि परमाणु हथियार युद्ध लड़ने के बजाय निवारण (डिटेरेंस) के साधन हैं। उन्होंने कहा, "निवारण एक दिमागी खेल है। परमाणु हथियार अपने आप में कोई क्षेत्र नहीं हैं, बल्कि ये दिमागी खेल का हिस्सा हैं, जो निर्णयों और व्यवहार को प्रभावित करते हैं।" उन्होंने पारंपरिक सैन्य योजना पर इनके महत्वपूर्ण प्रभाव को भी स्वीकार किया।

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