ग्लासगो , अगस्त 03 -- कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का रविवार को आधिकारिक तौर पर समापन हुआ और भारत ने 2030 में अहमदाबाद में होने वाले गेम्स के शताब्दी संस्करण की मेजबानी की जिम्मेदारी संभाली। हाइड्रो में हुए समापन समारोह में स्कॉटलैंड ने भारत को जिम्मेदारी सौंपी। इस दौरान पूर्व ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा की मौजूदगी में कॉमनवेल्थ का झंडा आधिकारिक तौर पर भारत को सौंपा गया।
इसके बाद भारत ने मशहूर गायक-संगीतकार शंकर महादेवन और पूर्व मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर के नेतृत्व में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ अहमदाबाद 2030 की अपनी यात्रा शुरू की। इस कार्यक्रम की शुरुआत 'वंदे मातरम' से हुई, जिसके बाद डांस परफॉर्मेंस और संगीत के जरिए 'वसुधैव कुटुंबकम' ("दुनिया एक परिवार है") की थीम पर देश की सांस्कृतिक विविधता को दिखाया गया।
इसके बाद एक ऑडियो-विजुअल प्रेजेंटेशन के जरिए अहमदाबाद 2030 की झलक दिखाई गई, जिसमें भारत की खेल यात्रा और शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स की एक झलक पेश की गई।
समारोह की शुरुआत में, ग्लासगो 2026 में बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाली जैस्मिन लंबोरिया ने एथलीटों की परेड के दौरान तिरंगा उठाया। इस दौरान सभी 74 देशों के खिलाड़ी एरिना में दाखिल हुए।
परेड के दौरान ऑस्ट्रेलियाई गायिका-गीतकार डेल्टा गुड्रेम ने 'बॉर्न टू ट्राई' गाना गाया, जबकि समारोह में उन हजारों वॉलंटियर्स को भी धन्यवाद दिया गया जिन्होंने गेम्स के आयोजन में मदद की थी।
स्कॉटिश कलाकारों - सैंडी थॉम, एलिफेंट सेशंस और प्राइमल स्क्रीम ने पूरी शाम दर्शकों का मनोरंजन किया। इसके साथ ही, 11 दिनों तक चली प्रतियोगिता के यादगार पलों को दिखाने वाला एक वीडियो मोंटाज भी दिखाया गया। अपने समापन भाषण में, ग्लासगो 2026 के चेयरमैन जॉर्ज ब्लैक ने 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए अहमदाबाद को शुभकामनाएं दीं।
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