नयी दिल्ली/संयुक्त राष्ट्र , दिसंबर 11 -- संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने कहा है कि अफगानिस्तान से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर समन्वित क्षेत्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सहयोग सर्वोपरि है और देश में शांति, स्थिरता और विकास को बढ़ावा देने के लिए संबंधित पक्षों के साथ मजबूती से जुड़ना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।"राजदूत पी. हरीश ने यूएनएससी बैठक में तालिबान के साथ व्यावहारिक जुड़ाव का आह्वान किया, साथ ही सकारात्मक कार्यों को प्रोत्साहित करने वाली सुसंगत नीति का भी समर्थन किया।
भारतीय राजनयिक ने बुधवार को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अफगानिस्तान की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की बैठक में कहा, "केवल दंडात्मक उपायों पर ध्यान केंद्रित करने से वही पूर्ववत स्थिति जारी रहेगी जो हम पिछले साढ़े चार वर्षों से देख रहे हैं। हम संयुक्त राष्ट्र एवं अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह करते हैं कि वे ऐसे सूक्ष्म नीतिगत उपायों को अपनाएं जो अफगानिस्तान के लोगों को स्थायी लाभ प्रदान करने में सहायक हों।"श्री हरीश ने कहा कि भारत अफगान लोगों की विकासात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और काबुल में भारतीय दूतावास के दर्जे को बहाल करने का भारत सरकार का हालिया निर्णय इस संकल्प को रेखांकित करता है।
श्री हरीश ने कहा, "हम अफगानिस्तान के व्यापक विकास, मानवीय सहायता एवं क्षमता निर्माण की पहलों में अपने योगदान को बढ़ावा देने के लिए सभी हितधारकों के साथ अपना जुड़ाव निरंतर रखेंगे जो अफगान समाज की प्राथमिकताओं एवं आकांक्षाओं के अनुरूप होगा।"यह देखते हुए कि भारत अफगानिस्तान में शांति एवं स्थिरता का एक मजबूत समर्थक रहा है, उन्होंने कहा कि भारत दोहा कार्य समूह और अन्य क्षेत्रीय मंचों पर होने वाली अफगानिस्तान-केंद्रित सभी चर्चाओं में भाग लेता रहा है, जिसमें मास्को प्रारूप की चर्चाएं भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि मानवीय सहायता एवं स्वास्थ्य सेवा सहयोग अफगानिस्तान के साथ संबंधों में भारत की प्रमुख प्राथमिकताएं रही हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी की हाल ही में नयी दिल्ली की यात्रा के दौरान भारत ने स्वास्थ्य सेवा, सार्वजनिक अवसंरचना और क्षमता निर्माण पर बल देते हुए अफगानिस्तान के साथ अपनी विकासात्मक साझेदारी को और गहरा करने का निर्णय लिया। उन्होंने आगे कहा कि भारत स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा और खेल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।
भारतीय राजनयिक ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत अफगानिस्तान के सभी प्रांतों में फैले 500 से अधिक विकास परियोजनाओं में शामिल है। श्री हरीश ने कहा कि अफगानिस्तान के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अलहाज नूरुद्दीन अजीजी की हालिया भारत यात्रा ने संपर्क, व्यापार सुविधा और बाजार पहुंच पर सहयोग को मजबूत करने में भी मदद की है।
स्वास्थ्य सेवा के संदर्भ में, श्री हरीश ने इस बात पर बल दिया कि यह मुद्दा अफगान जनता के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री मौलवी नूर जलाल जलाली की दिल्ली की आगामी यात्रा के दौरान भौगोलिक रूप से सटे इन दोनों पड़ोसी देशों के बीच स्वास्थ्य सेवा सहयोग को और बढ़ाया दिया जाएगा।
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