नयी दिल्ली , मार्च 16 -- सरकार ने जैविक विविधता पर सम्मेलन में प्रस्तुत अपनी रिपोर्ट में जैविक विविधता का संरक्षण, इसके घटकों का सतत उपयोग और आनुवंशिक संसाधनों से उत्पन्न होने वाले लाभों का निष्पक्ष और समान बंटवारा करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि इस आशय की प्रतिबद्धता जैविक विविधता पर आयोजित सम्मेलन में प्रस्तुत भारत की सातवीं राष्ट्रीय रिपोर्ट की गई है। आधिकारिक सूचना में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रीय रिपोर्ट प्रस्तुत करना जैविक विविधता सम्मेलन के पक्षकारों का अनिवार्य दायित्व है। एक जिम्मेदार राष्ट्र के रूप में, भारत ने अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का निरंतर पालन किया है और अनुच्छेद 26 के तहत आवश्यक सभी पिछली राष्ट्रीय रिपोर्टों को समय पर जैविक विविधता सम्मेलन को प्रस्तुत किया है। भारत ने अपनी सातवीं राष्ट्रीय रिपोर्ट गत 28 फरवरी की नियत तिथि से दो दिन पहले प्रस्तुत कर दी थी।

भारत की राष्ट्रीय जैव विविधता-7 रिपोर्ट बताती है कि सभी 23 राष्ट्रीय जैव विविधता लक्ष्य वर्तमान में 'प्राप्ति की दिशा में अग्रसर" हैं, जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और वैश्विक जैव विविधता प्रतिबद्धताओं के बीच मजबूत तालमेल को दर्शाता है। रिपोर्ट में 'समग्र सरकारी' और 'समग्र सामाजिक' दृष्टिकोण पर जोर दिया गया है, जो भारत के जैव विविधता संरक्षण प्रयासों में लंबे समय से चली आ रही प्रथाओं को प्रतिबिंबित करता है। यह रिपोर्ट बुनियादी ढांचे, कृषि, वानिकी और तटीय क्षेत्र की नीतियों में जैव विविधता सुरक्षा उपायों को एकीकृत करते हुए 33 केंद्रीय मंत्रालयों तथा विभागों की भागीदारी को उजागर करती है।

भारतीय जैव विविधता को समाहित करने वाली भू-आकृति एवं समुद्री परिदृश्य योजना को काफी मजबूत किया गया है जिसमें वन क्षेत्र 7,75,377 वर्ग किमी (भौगोलिक क्षेत्र का 23.59 प्रतिशत) है, वन आवरण 5,20,365 वर्ग किमी (15.83 प्रतिशत) है। कुल वन एवं वृक्ष आवरण 8,27,356.95 वर्ग किमी (25.17 प्रतिशत) तक पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय महत्व के अधिसूचित रामसर आर्द्रभूमियों की संख्या 2014 में 26 से बढ़कर अब 98 हो गई है। देश में 58 बाघ अभयारण्य, 33 हाथी अभयारण्य, 18 जीवमंडल अभयारण्य, 106 राष्ट्रीय उद्यान और 574 वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं जिसमें 3,682 बाघ हैं जो वैश्विक बाघ आबादी का 70 प्रतिशत से अधिक है। पहले हिम तेंदुआ जनसंख्या आकलन के अनुसार, भारत में 4,014 एक सींग वाले गैंडे, 22,446 जंगली हाथी, 891 एशियाई शेर और लगभग 718 हिम तेंदुए हैं। डॉल्फिन परियोजना के तहत, नदी डॉल्फिन की आबादी के पहले आकलन की रिपोर्ट को अंतिम रूप देकर जारी किया गया है, जिसमें देश में 6,327 नदी डॉल्फिन की आबादी बताई गई है।

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