नयी दिल्ली , जुलाई 15 -- भारत और यूरोपीय संघ के बीच वस्त्र तथा परिधान व्यापार को मजबूत करने के लिए भारत टेक्स ट्रेड फेडरेशन (बीटीटीएफ) और प्रीमियर विजन के बीच बुधवार को एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर किये गये।
इस सहयोग से भारतीय निर्माताओं, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), निर्यातकों और उभरते ब्रांडों को एक विश्व स्तर पर एक मान्यता प्राप्त मंच मिलेगा, जहां वे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, डिजाइनरों और फैशन हाउसों के समक्ष प्रीमियम वस्त्र, परिधान, सहायक उपकरण, टेक्निकल टेक्सटाइल, टिकाऊ सामग्री और फैशन नवाचारों का प्रदर्शन कर सकेंगे। इसके अलावा, यह साझेदारी भारत टेक्स के माध्यम से प्रीमियर विजन और उसके वैश्विक नेटवर्क को भारत की एकीकृत वस्त्र मूल्य श्रृंखला तक बेहतर पहुंच प्रदान करेगी, जिससे सोर्सिंग, व्यावसायिक साझेदारी और दीर्घकालिक सहयोग के नये अवसर पैदा होंगे।
प्रीमियर विजन की फैशन डिवीजन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी फ्लोरेंस रूसन और भारत टेक्स ट्रेड फेडरेशन के अध्यक्ष नरेन गोयनका ने आशय पत्र पर हस्ताक्षर किये। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह की उपस्थिति में आशय पत्र का आदान-प्रदान किया गया।
श्री सिंह ने कहा, "यह साझेदारी भारत टेक्स को एक सच्चे वैश्विक मंच के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। इससे भारतीय लघु एवं मध्यम उद्यमों, पहली बार निर्यात करने वालों और निर्माताओं को प्रमुख यूरोपीय खरीदारों से जुड़ने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही भारत की एक विश्वसनीय, नवोन्मेषी और टिकाऊ स्रोत के रूप में क्षमताओं का प्रदर्शन होगा। यह देश की बढ़ती भूमिका को वैश्विक वस्त्र मूल्य श्रृंखला में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में भी मजबूत करता है।"प्रीमियर विजन का पीवी पेरिस विश्व स्तर पर वस्त्र और फैशन सोर्सिंग प्रदर्शनियों में से एक प्रमुख प्रदर्शनी के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह ट्रेंड फोरकास्टिंग, नवाचार और उत्कृष्ट डिजाइन के लिए एक प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय मंच है। पेरिस में हर दो साल पर आयोजित होने वाला यह आयोजन वैश्विक फैशन और वस्त्र उद्योग के अग्रणी निर्माताओं, ब्रांडों, डिजाइनरों, खरीदारों और सोर्सिंग पेशेवरों को एक मंच पर लाता है।
इसके साथ ही, यह साझेदारी भारत टेक्स और प्रीमियर विजन पेरिस में पारस्परिक भागीदारी को सुगम बनाएगी, खरीदार-विक्रेता संबंधों को मजबूत करेगी और रुझानों एवं डिजाइन संबंधी जानकारियों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित