मेलबर्न , जनवरी 13 -- ऑस्ट्रेलिया की कप्तान और आठ विश्व कप ख़िताब जीतने वाली दुनिया की सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक एलिसा हीली, फरवरी-मार्च 2026 में भारत के ख़िलाफ होने वाली मल्टी-फ़ॉर्मेट घरेलू सीरीज के बाद क्रिकेट के सभी फ़ॉर्मेट से संन्यास ले लेंगी।
हीली को 2023 के अंत में मेग लेनिंग की जगह ऑस्ट्रेलिया का पूर्णकालिक कप्तान बनाया गया था। वह भारत के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज नहीं खेलेंगी, लेकिन वनडे और फिर 6-9 मार्च को वाका में होने वाले डे-नाइट टेस्ट के साथ अपने करियर का अंत करेंगी।
हीली ने विलो टॉक पॉडकास्ट पर कहा, "यह निर्णय काफ़ी समय से मेरे ज़ेहन में था। पिछले कुछ साल मानसिक रूप से बहुत ज़्यादा मुश्किल रहे। कुछ चोटें भी रहीं। मुझे हर बार अपने भीतर जाकर ऊर्जा ढूंढनी पड़ती थी और वापस लौटना मुश्किल हो रहा था।
उन्होंने कहा, "मैं हमेशा जीतना चाहती हूं, मैदान पर खुद को चुनौती देना चाहती हूं। लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ी है, वह धार कुछ कम हुई है। पूरी नहीं गई है, लेकिन थोड़ी कम हुई है। पिछला डब्ल्यूपीएल मेरे लिए एक तरह से अलर्ट था। तब मैं सुबह उठकर सोचती थी, 'आज एक और मैच' खेलना है। यह बात मुझे हैरान कर गई, क्योंकि मैं हमेशा सोचा करती थी कि मुझे यह खेल बहुत पसंद है।"हालांकि संन्यास का विचार उनके मन में आने लगा था, लेकिन घोषणा कुछ देर से हुई। यह भी तय हो गया कि वह 2026 में इंग्लैंड में होने वाले महिला टी20 विश्व कप तक नहीं खेलेंगी। हीली ने कहा कि उस टूर्नामेंट तक खिंचते रहना "टीम-साथियों के साथ ठीक नहीं होता।"हीली ने कहा, "भारत के ख़िलाफ यह सीरीज हमारे कैलेंडर की सबसे बड़ी सीरीज में से एक है। घर पर टीम की कप्तानी करते हुए टीम-साथियों और परिवार के बीच करियर समाप्त करना मेरे लिए बहुत ख़ास होगा। भारत में विश्व कप में समाप्त करना भी अच्छा होता, लेकिन घर पर खत्म करना बहुत ख़ास होता है।''उन्होंने कहा, "ज़िंदगी सिर्फ़ क्रिकेट नहीं है, इससे बहुत आगे भी है। मैं इसी नजरिए की वजह से खुद को भाग्यशाली मानती हूं। संन्यास लेना डरावना हो सकता है, लेकिन मैं भविष्य के लिए उत्साहित हूं। मार्च के बाद की ज़िंदगी भी उतनी ही रोमांचक होगी।"हीली ने ऑस्ट्रेलिया के लिए फ़रवरी 2010 में 19 साल की उम्र में डेब्यू किया था और उन्होंने वनडे में 3500 से अधिक रन बनाए हैं। टी20 में वह 3054 रन के साथ करियर समाप्त करेंगी, जिसमें नाबाद 148 उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। यह पूर्णकालिक देशों में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। वह ऑस्ट्रेलिया के लिए दूसरी सबसे ज़्यादा टी20 खेलने वाली खिलाड़ी हैं और विकेट के पीछे से सबसे ज़्यादा टी20 शिकार का विश्व रिकॉर्ड भी उनके नाम है।
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