बड़वानी , जुलाई 27 -- यूनाइटेड किंगडम के पुलिसिंग विशेषज्ञ, पूर्व ब्रिटिश पुलिस अधिकारी तथा यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट लंदन के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. रुवान उडुवरेगे-परेरा ने बड़वानी पुलिस की कम्युनिटी पुलिसिंग पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय समुदाय से जुड़ाव के मामले में भारत की पुलिसिंग ब्रिटेन की तुलना में अधिक प्रभावी, संवेदनशील और मानवीय है।
प्रो. परेरा मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक सेमिनार में भाग लेने आए थे। सेमिनार के दौरान उन्हें देवास और बड़वानी जिलों में संचालित कम्युनिटी पुलिसिंग के नवाचारों की जानकारी दी गई। प्रस्तुतियों से प्रभावित होकर उन्होंने इन पहलों का जमीनी अध्ययन करने के उद्देश्य से बड़वानी का दौरा किया।
दौरे के दौरान उन्होंने बड़वानी पुलिस के '3डी' और '3एस' मिशन का अवलोकन किया तथा उन जनजातीय परिवारों से मुलाकात की, जिन्होंने '3डी मिशन' से प्रेरित होकर अपने बच्चों के विवाह बिना दहेज, बिना शराब और बिना डीजे के संपन्न कराए। उन्होंने इसे सामाजिक परिवर्तन की दिशा में अनुकरणीय पहल बताया।
प्रो. परेरा ने पाटी थाना क्षेत्र के पीपरकुंड स्थित जनजातीय छात्रावास का भी भ्रमण किया और विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें शिक्षा एवं बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ चौपाल और जनसंवाद में भी भाग लेकर पुलिस एवं समाज के बीच स्थापित विश्वास का अवलोकन किया।
उन्होंने कहा कि बड़वानी भारत के सबसे सुंदर क्षेत्रों में से एक है और यहां पुलिस युवाओं के मार्गदर्शन, नशामुक्ति, साइबर जागरूकता तथा सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर समुदाय को साथ लेकर जिस प्रकार कार्य कर रही है, वह विश्व की पुलिस व्यवस्थाओं के लिए भी अनुकरणीय मॉडल है।
बड़वानी के पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने कहा कि जिले की पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक कुरीतियों का उन्मूलन और पुलिस के प्रति जनविश्वास को मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि प्रो. परेरा के दौरे से बड़वानी पुलिस की नवाचारी कम्युनिटी पुलिसिंग पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
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