नई दिल्ली , अक्टूबर 12 -- भारत और कजाखस्तान की सेनाओं ने संयुक्त सैन्य अभ्यास 'काजिंद-2026' के तहत 72 घंटे का विशेष अभ्यास सफलतापूर्वक पूरा किया है।

सेना के अनुसार कजाखस्तान के ओस्केमेन में हुए इस अभ्यास में दोनों देशों के सैनिकों ने आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने, आपसी तालमेल और किसी भी चुनौती से निपटने की अपनी तैयारी का प्रदर्शन किया।

यह संयुक्त अभ्यास 28 सितंबर से 11 अक्टूबर तक चला और इसमें अर्ध-शहरी और पहाड़ी इलाकों में आतंकवाद विरोधी कार्रवाई का प्रशिक्षण दिया गया। सैनिकों ने आतंकवादी गतिविधियों से निपटने, छापेमारी, तलाशी अभियान और घेराबंदी कर तलाशी लेने जैसे अभ्यास किए। संयुक्त कमान केंद्र और खुफिया एवं निगरानी केंद्र के जरिये सूचनाओं के आदान-प्रदान और मिलकर योजना बनाने का अभ्यास भी किया गया।

अभ्यास के दौरान सैनिकों ने सामरिक दिशा-निर्धारण, हथियार चलाने, युद्ध संबंधी रणनीतियों और छोटे हथियारों से वास्तविक गोलीबारी का प्रशिक्षण लिया। भारतीय सैनिकों ने कजाखस्तान के सैनिकों के साथ सेना की मार्शल आर्ट दिनचर्या , योग और खेल गतिविधियों में भी हिस्सा लिया। इससे दोनों देशों के सैनिकों के बीच आपसी समझ और सहयोग बढ़ाने में मदद मिली।

अभ्यास के समापन पर भारत के कजाखस्तान में राजदूत वाई.के. सैलस थंगल और कजाखस्तान की सेना की ईस्टर्न रीजनल कमान के प्रमुख मेजर जनरल झेनिस मारालोव मौजूद रहे। राजदूत ने दोनों देशों के सैनिकों को सफल अभ्यास के लिए बधाई दी और उनके पेशेवर रवैये, समर्पण तथा संयुक्त प्रशिक्षण के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की।

इस अभ्यास से दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल और संयुक्त अभियानों की क्षमता मजबूत हुई। साथ ही, भारत और कजाखस्तान ने रक्षा सहयोग बढ़ाने तथा क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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