नयी दिल्ली , जनवरी 27 -- भारत और यूरोपीय संघ ने समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी तथा साइबर खतरों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढाने के उद्देश्य से सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर किये हैं। दोनों पक्षों ने भारत-यूरोपीय संघ सूचना सुरक्षा समझौते के लिए वार्ताओं की शुरुआत करने पर भी सहमति व्यक्त की है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा तथा यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वान डेर लेयेन की सह अध्यक्षता में मंगलवार को यहां हुए 16 वें भारत- ई यू शिखर सम्मेलन के बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये।
बैठक के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने भारत-यूरोपीय संघ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर का स्वागत किया। यह दोनों पक्षों के बीच इस प्रकार का पहला व्यापक रक्षा और सुरक्षा ढांचा है, जो समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी, साइबर एवं हाइब्रिड खतरों, अंतरिक्ष तथा आतंकवाद-रोधी सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में आपसी संबंधों को और मजबूत करेगा।
उन्होंने सूचना सुरक्षा समझौते पर वार्ताओं की शुरुआत का भी स्वागत किया जिससे गोपनीय सूचनाओं के आदान-प्रदान में सुविधा होगी और सुरक्षा तथा रक्षा से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिलेगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, " आज नई दिल्ली में यूरोपीय आयोग की उच्च प्रतिनिधि सुश्री काजा कल्लास से भेंट कर प्रसन्नता हुई। बैठक के दौरान द्विपक्षीय सुरक्षा और रक्षा से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें विश्वसनीय रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र और भविष्य के लिए तैयार क्षमताओं के निर्माण हेतु आपूर्ति श्रृंखलाओं के एकीकरण के अवसर शामिल हैं। भारत और यूरोपीय संघ के देशों के बीच अधिक सहयोग की आशा है।"यूरोपीय आयोग के नेताओं ने भी बाद में एक वक्तव्य में रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर का स्वागत किया और कहा कि यह दोनों पक्षों के बीच इस प्रकार का पहला व्यापक रक्षा और सुरक्षा ढांचा है, जो समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी, साइबर और हाइब्रिड खतरों, अंतरिक्ष तथा आतंकवाद-रोधी सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को और गहरा करेगा।
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