नयी दिल्ली , मई 28 -- भारत और चीन ने पिछले कुछ समय से सीमा पर सौहार्द्र की स्थिति बनाए रखने में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए दोनों देशों के बीच चीन में विशेष प्रतिनिधियों की बैठक बुलाने पर सहमति व्यक्त की है।
दोनों देशों के बीच विशेष प्रतिनिधि स्तर की पिछली वार्ता गत वर्ष अगस्त में हुई थी। दोनों पक्षों ने बुधवार को चीन में बातचीत के दौरान सीमा पर स्थिति की व्यापक समीक्षा की।
विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र की 35वीं बैठक बुधवार को बीजिंग में हुई जिसमें भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) सुजीत घोष ने और चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चीनी विदेश मंत्रालय के सीमा और महासागरीय मामलों के विभाग की महानिदेशक सुश्री होउ यानकी ने किया।
मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा कि दोनों पक्षों के बीच रचनात्मक और भविष्योन्मुखी चर्चा के दौरा सीमा क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की गयी। उन्होंने सीमा क्षेत्रों में शांति और सौहार्द्र बनाए रखने में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया, जिससे द्विपक्षीय संबंधों के चरणबद्ध तरीके से सामान्य होने की दिशा में प्रगति हुर्ह है। दोनों पक्ष विशेष प्रतिनिधियों की अगली बैठक की ठोस तैयारी करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए। यह बैठक चीन में होगी। पिछले वर्ष भारत में हुई इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने हिस्सा लिया था।
दोनों पक्षों ने सीमांकन, सीमा प्रबंधन, तंत्र निर्माण और सीमा-पार सहयोग से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। भारतीय पक्ष ने सीमा-पार नदियों पर अगले विशेषज्ञ-स्तरीय तंत्र की शीघ्र बैठक आयोजित करने पर ज़ोर दिया।
दोनों देशों ने राजनयिक और सैन्य स्तरों पर नियमित आदान-प्रदान और संपर्क बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की ।
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