नयी दिल्ली , मई 08 -- भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 10वीं रक्षा नीति वार्ता शुक्रवार को यहां हुई जिसमें दोनों पक्षों ने व्यापक सामरिक साझेदारी की पुन: पुष्टि करते हुए समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढाने की प्रतिबद्धता जतायी।
रक्षा मंत्रालय ने एक वक्तव्य में बताया कि वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद ने किया, जबकि ऑस्ट्रेलियाई पक्ष का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय नीति के प्रथम सहायक सचिव बर्नार्ड फिलिप ने किया। चर्चा में भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक सामरिक साझेदारी की पुनः पुष्टि की गई।
दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग में हाल की प्रगति का स्वागत किया। वर्ष 2025 में वार्षिक भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों की वार्ता ने परामर्श प्रक्रिया को और मजबूत किया है तथा दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास को दर्शाया है।
दोनों पक्षों ने प्रमुख कार्यान्वयन व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिए जाने तथा महत्वपूर्ण उपलब्धियों की निरंतर गति को स्वीकार किया। उन्होंने इस वर्ष बाद में पहली भारत-ऑस्ट्रेलिया संयुक्त स्टाफ वार्ता आयोजित किए जाने की आशा व्यक्त की।
सह-अध्यक्षों ने वर्ष 2024 के भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक नेताओं के शिखर सम्मेलन के परिणामों के कार्यान्वयन की समीक्षा की, ताकि रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा को नवीनीकृत और सुदृढ़ किया जा सके तथा संयुक्त समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप विकसित किया जा सके।
दोनों पक्षों ने संयुक्त सैन्य अभ्यासों की बढ़ती आवृत्ति और जटिलता का स्वागत किया। उन्होंने समुद्री सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की तथा दोनों देशों के बीच निरंतर सहयोग की आशा जताई, जिससे सामरिक संबंध मजबूत होंगे और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति साझा प्रतिबद्धता को बढ़ावा मिलेगा।
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने सभी क्षेत्रों में पारस्परिक संचालन क्षमता को और गहरा करने के लिए अगले कदमों पर सहमति व्यक्त की। अपने रक्षा मंत्रियों की महत्वाकांक्षाओं की पुनः पुष्टि करते हुए, उन्होंने क्षेत्रीय साझेदारों के साथ सहयोग को और बढ़ाने पर सहमति जताई।
दोनों देशों ने विभिन्न प्रशिक्षण आदान-प्रदान कार्यक्रमों पर चर्चा की, जैसे जनरल बिपिन रावत स्मृति युवा अधिकारी आदान-प्रदान कार्यक्रम तथा भारतीय सैन्य अकादमी और रॉयल मिलिट्री कॉलेज, डनट्रून के बीच यात्राएँ। ऐसे प्रशिक्षण आदान-प्रदान आपसी विश्वास, जन-से-जन संपर्क और एक-दूसरे के क्षेत्रीय एवं वैश्विक दृष्टिकोणों की समझ को मजबूत करते हैं।
दोनों पक्षों ने रक्षा औद्योगिक सहयोग और सहभागिता के सामरिक महत्व को स्वीकार किया। उन्होंने रक्षा उद्योग एकीकरण को सुगम बनाने के प्रयासों का स्वागत किया, जिनमें वर्ष 2025 में सिडनी में आयोजित पहला भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा उद्योग गोलमेज सम्मेलन, वर्ष 2025 में भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया का पहला रक्षा व्यापार मिशन, तथा वर्ष 2026 में नई दिल्ली में आयोजित रायसीना संवाद के दौरान रक्षा उद्योग सामरिक गोलमेज सम्मेलन शामिल हैं।
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