नयी दिल्ली , मई 18 -- केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को कहा कि भारत तथा अमेरिका के बीच विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आज बताया कि भारत और अमेरिका के बीच नागरिक परमाणु ऊर्जा सहयोग को नयी गति देने के उद्देश्य से अमेरिकी उद्योग प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह के साथ चर्चा की। बैठक में भारत के परमाणु क्षेत्र में निजी निवेश, स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स (एसएमआर) और उन्नत परमाणु प्रौद्योगिकियों में सहयोग के अवसरों पर विशेष जोर दिया गया।
डॉ. सिंह ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच विज्ञान, प्रौद्योगिकी और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच फरवरी 2025 में हुई बैठक के दौरान शुरू की गई "यूएस-इंडिया ट्रस्ट पहल" ने महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग के नए रास्ते खोले हैं।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के तहत भारत अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को मौजूदा 8.8 गीगावाट से बढ़ाकर 2047 तक 100 गीगावाट करने की दिशा में कार्य कर रहा है। इसके लिए चरणबद्ध विस्तार रणनीति अपनाई जा रही है, जिससे वैश्विक उद्योग साझेदारी, प्रौद्योगिकी सहयोग और विनिर्माण क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे।
डॉ. सिंह ने बताया कि हाल ही में लागू "शांति अधिनियम 2025" परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी और विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक भागीदारी के लिए अधिक अनुकूल वातावरण तैयार होगा।
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