नयी दिल्ली , सितंबर 24 -- भारत और अफ्रीकी देशों ने जल, स्वच्छता एवं स्वच्छता व्यवहार (वॉश) के क्षेत्र में ज्ञान के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण, डिजिटल नवाचार और जलवायु अनुकूल समाधान के लिए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है।

जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने गुरुवार को यहां भारत मंडपम में नौवें भारतीय अंतरराष्ट्रीय जल सप्ताह-2026 के दौरान दूसरे भारत अंतरराष्ट्रीय वॉश सम्मेलन के तहत भारत-अफ्रीका गोलमेज बैठक आयोजित की, जिसमें 22 अफ्रीकी देशों के राजदूतों एवं प्रतिनिधियों के साथ ही इसमें भारत सरकार, विश्व बैंक, विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ और अन्य संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अशोक के.के. मीणा ने भारत के जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के अनुभव साझा करते हुए स्थानीय संस्थाओं और समुदाय की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के अपर सचिव एवं मिशन निदेशक कमल किशोर सोआन ने बताया कि ग्रामीण परिवारों में नल के पानी की पहुंच 2019 के 3.24 करोड़ से बढ़कर अब 15.94 करोड़ से अधिक हो गयी है।

बैठक में जल सुरक्षा, वर्षा जल संचयन, भूजल प्रबंधन, अपशिष्ट जल उपचार एवं पुन: उपयोग, जल गुणवत्ता, डिजिटल जल प्रशासन और जलवायु अनुकूल बुनियादी ढांचे पर चर्चा हुई। अफ्रीकी प्रतिनिधियों ने भारत के अनुभवों में रुचि जताते हुए तकनीकी आदान-प्रदान, प्रशिक्षण, शोध, पायलट परियोजनाओं और क्षमता निर्माण के जरिए सहयोग बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की।

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