हैदराबाद , मार्च 07 -- भारतीय महिला हॉकी टीम रविवार से शुरू होने वाले एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप क्वालिफायर 2026 में उरुग्वे के खिलाफ अपने शुरुआती मुकाबले में जीत के साथ एफआईएच हॉकी महिला विश्वकप 2026 में अपनी जगह पक्की करने के लक्ष्य को लेकर उतरेगी।
इस टूर्नामेंट में आठ टीमें मेजबान भारत, इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, कोरिया, इटली, उरुग्वे, वेल्स और ऑस्ट्रिया क्वालिफिकेशन चरण में प्रतिस्पर्धा करेंगी।
टूर्नामेंट को चार टीमों के दो पूल में बांटा गया है। पूल ए में इंग्लैंड, कोरिया, इटली और ऑस्ट्रिया हैं, जबकि मेजबान भारत, स्कॉटलैंड, उरुग्वे और वेल्स पूल बी में हैं। जिसमें हर पूल से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। दोनों सेमीफाइनल और कांस्य पदक मैच के विजेता वर्ल्ड कप के लिए ऑटोमैटिक क्वालिफिकेशन हासिल करेंगे। इसके अलावा, हैदराबाद में चौथे स्थान पर रहने वाली दुनिया की सबसे ऊंची रैंक वाली टीम को भी टूर्नामेंट में जगह मिलेगी।
टीम हाल ही में नियुक्त मुख्य कोच शोर्ड मारिन के दिशा निर्देश में भी खेलेगी। भारत अभी दुनिया में नौवें स्थान पर है और इंग्लैंड के बाद टूर्नामेंट में दूसरी सबसे ऊंची रैंक वाली टीम है, जो दुनिया भर में सातवें स्थान पर है। एक मजबूत टीम और घर पर खेलने के फायदे के साथ, मेजबान टीम इस मौके का पूरा फायदा उठाने और वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफिकेशन पक्का करने के लिए दृढ़ संकल्पित होगी।
भारतीय टीम अपने कैंपेन की शुरुआत 8 मार्च को उरुग्वे के खिलाफ करेगी, इसके बाद 9 मार्च और 11 मार्च को स्कॉटलैंड और वेल्स के खिलाफ मैच खेलेगी। भारतीय महिला हॉकी टीम ने अब तक एफआईएच हॉकी महिला वर्ल्ड कप के आठ एडिशन में खेला है और नौवें एडिशन में खेलना उसका लक्ष्य है।
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