नयी दिल्ली , मार्च 23 -- चक्रवाती तूफान दित्वा से प्रभावित श्रीलंका में ध्वस्त हुए क्षेत्रीय संपर्क को फिर से बहाल करने में जुटी भारतीय सेना ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए कोलंबो से लगभग 70 किलोमीटर उत्तर में स्थित चिलाव में 240 फुट लंबा अतिरिक्त चौड़ा सुदृढ़ हाइब्रिड बेली पुल सफलतापूर्वक निर्मित कर चालू किया है।

यह चक्रवाती तूफान दित्वा के बाद भारत द्वारा वहां मानवीय सहायता के अंतर्गत शुरू किये गये ऑपरेशन सागर बंधु के तहत निर्मित इस प्रकार का चौथा पुल है।

नव निर्मित पुल कोलंबो-पुत्तलम के महत्वपूर्ण संपर्क को पुनर्स्थापित करता है, जो इस क्षेत्र का एक प्रमुख परिवहन गलियारा है। इसके संचालन से लोगों और वस्तुओं की आवाजाही में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है, साथ ही तटीय क्षेत्र में आधारभूत संरचना की मजबूती भी बढ़ेगी।

बेली पुल, जो अपने मॉड्यूलर डिजाइन और त्वरित तैनाती क्षमता के लिए जाने जाते हैं, का उपयोग ऐतिहासिक रूप से विश्वभर की सशस्त्र सेनाओं द्वारा आपातकालीन और अस्थायी संपर्क के लिए किया जाता रहा है। भारतीय सेना को ऐसे पुलों को बनाने का व्यापक अनुभव है, चाहे वह भारत के भीतर हो या मित्र देशों में मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों के अंतर्गत।

सेना ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा ," भारतीय सेना के इंजीनियर कार्यबल ने कोलंबो से 70 किलोमीटर उत्तर में चिलाव में 240 फुट लंबा अतिरिक्त चौड़ा सुदृढ़ हाइब्रिड बेली पुल सफलतापूर्वक स्थापित किया है। यह श्रीलंका में ऑपरेशन सागर बंधु के अंतर्गत भारतीय सेना द्वारा निर्मित चौथा पुल है। यह पुल कोलंबो-पुत्तलम के महत्वपूर्ण संपर्क को पुनर्स्थापित करता है, जिससे क्षेत्रीय गतिशीलता और मजबूती में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। यह प्रयास श्रीलंका के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता और उसकी पड़ोसी प्रथम नीति की पुनर्पुष्टि करता है, जो वसुधैव कुटुंबकम की भावना को दर्शाता है।"अधिकारियों ने बताया कि यह अतिरिक्त चौड़ा सुदृढ़ हाइब्रिड बेली पुल भारी वाहनों के यातायात और दीर्घकालिक टिकाऊपन सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है, खासकर उन क्षेत्रों में जो आधारभूत संरचनात्मक दबाव के प्रति संवेदनशील हैं।

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