ललितपुर , मई 23 -- उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में भाभी की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार सिंह की अदालत ने शनिवार को आरोपी देवर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश दुबे ने बताया कि कस्बा बानपुर के मोहल्ला सानिया में नौ फरवरी को सुबह करीब 11 बजे वंदना पत्नी वीर सिंह अपने पुत्र क्रेश के साथ घर पर कार्य कर रही थी। इसी दौरान उसका देवर रामराजा वहां पहुंचा और शराब पीने के लिए रुपये मांगने लगा। वंदना द्वारा रुपये देने से इनकार करने पर वह नाराज होकर वहां से चला गया।
कुछ देर बाद रामराजा हाथ में लकड़ी का खूंटा लेकर वापस आया और मौका पाकर वंदना के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से वंदना लहूलुहान होकर बेहोश हो गई। घटना को देख उसका पुत्र क्रेश शोर मचाते हुए बाहर भागा और परिजनों तथा अपने पिता वीर सिंह को सूचना दी।
सूचना मिलने पर वीर सिंह घर पहुंचा और परिजनों की मदद से घायल वंदना को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बानपुर ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद वंदना को मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर पति वीर सिंह की तहरीर पर आरोपी रामराजा के खिलाफ हत्या की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने रामराजा को हत्या का दोषी पाया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार सिंह ने आरोपी को धारा 302 के तहत आजीवन कारावास तथा 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। फैसला सुनाए जाने के बाद पुलिस ने दोषी रामराजा को हिरासत में लेकर जिला जेल भेज दिया।
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