ग्वालियर , जुलाई 8 -- मध्यप्रदेश के ग्वालियर में साझा मकान के बंटवारे के विवाद में अपनी भाभी पर पेट्रोल डालकर आग लगाने और उनकी हत्या करने के मामले में स्थानीय अदालत ने आरोपी देवर को आजीवन कारावास तथा पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार चैबीसवें अतिरिक्त सत्र एवं विशेष न्यायाधीश (महिलाओं के विरुद्ध अपराध) केशव सिंह की अदालत ने आरोपी मनोज माहौर को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।

विशेष लोक अभियोजक हरिओम वर्मा ने बताया कि घटना दो नवंबर 2022 की है। मृतका ऊषा साझा मकान में सफाई और पूजा करने गई थीं। इसी दौरान साझा मकान के बंटवारे को लेकर उनके देवर मनोज माहौर से विवाद हो गया। आरोप है कि मनोज ने बोतल से ऊषा पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गईं।

उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। अस्पताल में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज मृत्यु पूर्व कथन (डाइंग डिक्लेरेशन) में ऊषा ने अपने देवर मनोज माहौर पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप लगाया था। घटना के संबंध में थाना जनकगंज में हत्या का प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने जांच पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।

विचारण के दौरान मृतका के पति, पुत्र, पुत्री, सास और एक अन्य देवर अपने पूर्व बयानों से मुकर गए, जबकि मृतका के भाई और मां ने अभियोजन का समर्थन किया। न्यायालय ने मृत्यु पूर्व कथन को विश्वसनीय एवं अकाट्य साक्ष्य मानते हुए आरोपी को हत्या का दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास तथा पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक हरिओम वर्मा ने प्रभावी पैरवी की।

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