नयी दिल्ली , सितंबर 25 -- अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) और 132 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) ईको राजपूत ने दक्षिण दिल्ली के भाटी माइंस स्थित टेरियर्स हर्बल गार्डन में अश्वगंधा पौधारोपण एवं वैज्ञानिक निगरानी की संयुक्त पहल शुरू की है।
आयुष मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि इस पहल के तहत 10 हजार अश्वगंधा पौधों का रोपण किया जाएगा और उनकी नियमित वैज्ञानिक निगरानी, अवलोकन तथा दस्तावेजीकरण किया जायेगा।
एआईआईए के निदेशक प्रो. (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति ने कहा कि यह पहल औषधीय पौधों से जुड़े आयुर्वेदिक ज्ञान को वैज्ञानिक अनुसंधान और पारिस्थितिकी पुनर्स्थापन से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि अश्वगंधा के व्यवस्थित संवर्धन, संरक्षण और वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण से ज्ञान सृजन के साथ जैव विविधता संरक्षण में भी योगदान दिया जा सकता है। पौधों की वैज्ञानिक निगरानी से अरावली क्षेत्र की स्थानीय जलवायु और पर्यावरणीय परिस्थितियों में अश्वगंधा की वृद्धि और अनुकूलन से संबंधित जानकारी भी प्राप्त होगी।
भाटी माइंस दक्षिणी रिज और अरावली परिदृश्य का हिस्सा है और यहां 132 इन्फैंट्री बटालियन द्वारा खनन से प्रभावित तथा क्षरित क्षेत्रों में हरित पुनर्स्थापन का काम किया जा रहा है। टेरियर्स हर्बल गार्डन में पहले से ही करीब 200 औषधीय एवं आयुर्वेदिक महत्व वाली प्रजातियों का संरक्षण किया गया है, जिनमें हरसिंगार, आंवला और घृतकुमारी शामिल हैं। हर्बल गार्डन के वैज्ञानिक प्रबंधन और रखरखाव में एआईआईए तकनीकी सहयोग देगा। इस पहल का उद्देश्य औषधीय पौधों पर वैज्ञानिक अनुसंधान को पर्यावरण सुधार, जैव विविधता संरक्षण और अरावली के हरित पुनर्स्थापन से जोड़ना है।
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